मदन बालियान मुजफ्फरनगर। साल 2027 का रिहर्सल माने जा रहे सूबे के उपचुनाव के प्रचार में उतरते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा और कांग्रेस पर तीखे सियासी हमले गए।
भागवत भूमि शुकतीर्थ के निकट मोरना से सीएम ने हर वर्ग और मुद्दे को छुआ। कानून व्यवस्था किसान, और बहू-बेटियों के सम्मान की बात की। कैराना पलायन का जिक्र छेड़ा। मंच से जाते-जाते यह भी कह गए कि 2013 के मुजफ्फरनगर दंगे को अवश्य स्मरण करके रखना। मोरना के मंच से मुख्यमंत्री ने शुकतीर्थ के गौरवशाली इतिहास से बात शुरु की। कार्तिक गंगा स्नान मेले और मां गंगा का जिक्र किया। इसके बाद सपा-कांग्रेस पर सियासी हमले किए। लोकसभा चुनाव में खटाखट के नाम पर लोगों को बहकाने का आरोप लगाया।
कानून व्यवस्था, शिक्षा, चिकित्सा और खेल के क्षेत्र में किए गए कार्य गिनाए। खिलाड़ियों, युवाओं, किसानों और महिलाओं को मंच से आश्वसत करने का प्रयास हुआ। पश्चिमी यूपी में हाईवे, रैपिड रेल, मेजर ध्यानचंद खेल यूनिवर्सिटी और मां शाकुंभरी देवी विवि की स्थापना की उपलब्धि गिनाई। गन्ना किसानों को भुगतान, युवाओं को स्मार्ट फोन व टेबलेट, कन्या सुमंगला, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना भी लोगों के बीच रखी।
मुख्यमंत्री मंच से हर वर्ग को साधते हुए नजर आए। सीएम ने यह भी कहा कि संकेत साफ होना चाहिए। गुंडे और दंगाई नहीं चाहिए, अराजक तत्व नहीं चाहिए। जनता को सम्मान करने वाले लोग चाहिए। अफवाहों के पीछे न पड़ें। 2013 के मुजफ्फरनगर दंगे को अवश्य स्मरण करके रखना। साफ हो गया कि एनडीए हिंदुत्व के मुद्दे को उपचुनाव के रण में धार देगा। यही वजह है कि मुजफ्फरनगर दंगा और कैराना पलायन के मुद्दे को हवा दी गई।
n दंगे पर सपा की घेराबंदी, राना को बताया सरगना : सीएम ने मुजफ्फरनगर दंगे पर सपा की घेराबंदी की। साथ ही सपा प्रत्याशी को दंगों का सरगना बताया। सीएम का इशारा सपा प्रत्याशी सुम्बुल राना के ससुर पूर्व सांसद कादिर राना की तरफ माना जा रहा है।
यह भी कहा कि हथियारों का जखीरा बरामद हुआ था। हथियारों के उस जखीरे को हम तबाह करने वाले है। तब सपा सरकार के मुखिया दंगाईयों को सरकारी आवास पर बुलाकर सम्मानित कर रहे थे।,