वोटों ध्रुवीकरण का गणित साधते रहे सीएम योगी
चरथावल (मुजफ्फरनगर)। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामली और मुजफ्फरनगर में वोटों के ध्रुवीकरण का गणित साधने की कोशिश करते नजर आए। मुजफ्फरनगर के दंगों के जख्मों को कुरेदा तो कांवड़ यात्रा पर फूल बरसाने व शुकतीर्थ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिन्ना समर्थक कड़वाहट घोलने वाले हैं। गरीब के अन्न और पेंशन हड़प कर इत्र वाले मित्र के यहां रखते है।
कस्बे के नालंदा पब्लिक स्कूल में चरथावल से भाजपा प्रत्याशी सपना विजय कश्यप के समर्थन में जनसभा हुई। सीएम ने जनसभा में कई मुद्दों पर विपक्ष को घेरा। कांवड़ यात्रा और शुकतीर्थ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा यहां धर्म और मोक्ष की धरती है। परीक्षित को शुकतीर्थ में श्रीमद्भागवत सुनाने का कार्य ऋषि परंपरा में किया था। पहले यहां कर्फ्यू लगता था, अब कांवड़ यात्रा निकल रहीं है। बदलाव में मुजफ्फरनगर में गन्ने की मिठास बनी रहनी चाहिए। यह भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार ही लाएगी। मुजफ्फरनगर के किसान और नौजवानों को पूरे देश के लिए प्रेरणा बताये हुए कहा कि यहां का गुड़ और चीनी की मिठास को दुनिया विस्मृत नहीं कर सकती।
गली में तख्ती लटकाकर पेशेवर अपराधी मांग रहे जान की भीख: योगी
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने सुरक्षित माहौल दिया। पेशेवर माफिया और अपराधी गले में तख्ती लटकाकर थाने में पुलिस से जान की भीख मांग रहे हैं। ऐसा सपा और बसपा की सरकार में क्यों नहीं हुआ। क्योंकि इन दोनों पार्टियों की नीयत साफ नहीं थी। इन्होंने किसान और व्यापारी को सुरक्षित माहौल नहीं दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को शामली के जिला अस्पताल का निरीक्षण भी किया। इसके बाद वीवी इंटर कॉलेज में विधायक तेजेंद्र निर्वाल और जलालाबाद के एल्पाइन कॉलेज में कैबिनेट गन्ना मंत्री सुरेश राणा के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने दंगे और पलायन का मुद्दा उठाया और कहा कि 2017 में प्रदेश में हमारी सरकार बनी, तो देशभर की निगाह कैराना और कांधला पर थी। 1990 में जिस तरह वोट बैंक की राजनीति के तहत कश्मीरी पंडितों को पलायन करना पड़ा था, ठीक उसी तरह तुष्टीकरण की राजनीति के तहत कैराना और कांधला से पलायन हुआ।
जनता को गुमराह कर रही दो लड़कों की जोड़ी
शामली। सीएम योगी ने कहा कि दो लड़कों की जोड़ी चुनाव में घूम रही है और जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुजफ्फरनगर में जब दंगे हुए, तब इन्हें जाति नजर नहीं आई। भाजपा नेता सुरेश राणा, तेजेंद्र निर्वाल, संजीव बालियान, उमेश मलिक ने अत्याचारों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। इसके लिए इन्हें जेल भी जाना पड़ा। हमारी सरकार में एक तरफ विकास हुआ तो दूसरी ओर दंगाइयों के घरों पर बुलडोजर चला। प्रदेश में दोबारा सरकार बनने पर भी ऐसा ही होगा।