कहा कि भारत की आबादी 135 करोड़ है। हमारा टीम वर्क है, लेकिन कोरोना में अमेरिका और यूरोप फेल हो गए। 200 करोड़ वैक्सीन की डोज़ भारत मे लग जाना, राशन की व्यवस्था करना सरकार की कार्यशैली को दिखा रहा है। भारत ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर आधारित है। ग्रामीण इलाकों में अधिकतर आवास गांव की आबादी की जमीन पर बने थे। अगर मकान गिर गया तो दोबारा बनाने में मशक्कत करनी पड़ती थी। पहली बार ड्रोन तकनीक से सर्वे कराया। फिर नक्शे के अनुसार मैपिंग कराई। इसके बाद घरोनी तैयार हुई। 34 लाख लोगों को मालिकाना हक मिल गया। 15 अगस्त 2023 तक सभी गांवों के लोगो को मालिकाना हक दिया जाएगा।
मेरठ में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे आदि हाईवे, एक्सप्रेसवे बनाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सौ छात्र हस्तिनापुर पर कार्य करें, जिस तरह से एएसआई कार्य कर रही है। शिक्षा को विकास के साथ जुड़ना चाहिए। हर विवि को आधारशिला बनानी चाहिए। शोध पत्र लिखवाएं। पेंटेट की प्रक्रिया बताएं।
मेरठ में खेल विवि बनवा रहे हैं। गांव-गांव में खेल अकादमी बनानी पड़ेगी। प्रदेश सरकार ने ओपन जिम और स्टेडियम बनाने की प्रक्रिया शुरू की थी। वहीं, मेरठ के क्रांतिकारी लोगों की धरती खोजनी होगी। जिससे उनके गांवों में स्मारक बन सकें। गांव में खेल के मैदान बनेंगे तो ये नशे के सौदागर कुछ नही कर पाएंगे। हमे सख्ती के साथ अभियान को चलाना होगा। नशे के कारोबार में जो लगा है उसकी संपत्ति जब्त की जाएगी।
बता दें कि मेरठ पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले पुलिस लाइन में नगर निगम की 76 डोर-टू-डोर कूड़ा गाड़ी, पांच कंपैक्टर और एक सड़क सेविंग मशीन व स्प्रिंकलर मशीन का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। नगर निगम ने सभी गाड़ियों को फूल मालाओं से सजाया हुआ था। इस दौरान मंच पर महापौर सुनीता वर्मा, राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेई, राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर, जिला अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष, राज्यसभा सदस्य विजयपाल तोमर, कैंट विधायक अमित अग्रवाल समेत सभी भाजपा नेता कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कमिश्नरी सभागार पहुंचे। उनके साथ प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री नंद गोपाल नंदी भी रहे। सीएम योगी के सामने कमिश्नरी सभागार में हर घर तिरंगा, गन्ना भुगतान समेत 15 योजनाओं का प्रस्तुतिकरण किया गया। मेरठ के अलावा मंडल के शेष जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे। सीएम योगी इसके बाद चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय पहुंचे, जहां पर उन्होंने छात्र-छात्राओं को संबोधित किया और टैबलेट वितरण और छह किसानों को घरौनी दी।
कमिश्नरी में दो घंटे चलने वाली मंडलीय समीक्षा बैठक में मंडल के छह जिलों में हुए गन्ना भुगतान का ब्योरा सीएम को बताया गया। अमृत सरोवर, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री स्वनिधि, टैबलेट और स्मार्टफोन वितरण, निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल, जल जीवन मिशन, पीएम आवास, कोरोना टीकाकरण, घरौनी वितरण, आईजीआरएस, रोजगार सृजन, गन्ना मूल्य भुगतान, स्कूल चलो अभियान, ऑपरेशन कायाकल्प में मंडल की स्थिति का प्रस्तुतिकरण किया गया। प्रेजेंटेशन में योजनाओं के लाभार्थियों के फोटो भी लगाए गए।
सीएम की सुरक्षा में तैनात एक हजार अधिकारी व पुलिसकर्मी
सीएम योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा के लिए शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने पीएसी की तीन कंपनियों के अलावा मुजफ्फरनगर व सहारनपुर से भी फोर्स मांगा है।
एसएसपी ने बताया कि सीएम की सुरक्षा में छह एएसपी, 36 सीओ, 50 एसआई, 500 कांस्टेबल और 100 ट्रैफिक सिपाहियों की ड्यूटी लगी है। एसपी ट्रैफिक जितेंद्र श्रीवास्तव और एसपी सिटी विनीत भटनागर को भी अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। एडीजी राजीव सभरवाल, आईजी प्रवीण कुमार भी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रख रहे हैं।
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