मतदान के दिन बंगाली समाज किस पक्ष में मतदान कर रहा है इस बात का अंदाजा लोग नहीं लगा पा रहे हैं। मतदाता पूरी तरह चुप्पी साधे हुए मतदान कर रहे हैं जिससे चुनाव विशेषज्ञों को आंकड़े जुटाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
भाजपा और निर्दलीय उम्मीदवार दोनों ही प्रत्याशी बंगाली समाज को अपनी ओर आने का दावा कर रहे हैं यह बात भी स्पष्ट है बंगाली समाज एकजुट होकर जिसकी ओर चला गया उसकी जीत निश्चित है। हालांकि खुलकर अपने पक्ष में लाने के लिए कोई भी प्रत्याशी कामयाबी हासिल नहीं कर सका।
गुरुवार को हुए मतदान के रुझान से बसपा प्रत्याशी को मुकाबले से बाहर माना जा रहा है। यहां से बसपा प्रत्याशी संतोष देवी को उम्मीदवार घोषित किया गया था। बसपा का बेस वोट जाटव भी अधिकतर निर्दलीय उम्मीदवार डॉ. सुनीता वर्मा के पक्ष में जाता दिखाई दे रहा है।
हालांकि कहीं कहीं जाटव वोट में भाजपा प्रत्याशी सेंध लगाने में कामयाब रहीं। तो कहीं कहीं निर्दलीय उम्मीदवार भी सामान्य श्रेणी की वोटों में सेंधमारी कर रहे हैं। ऐसे में दोहरा मुकाबला यानी आमने-सामने की टक्कर में चुनाव बदल गया है। जिसका अंदाजा अभी कस्बे के लोग नहीं लगा पा रहे हैं। स्थिति चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद ही स्पष्ट होगी।