मेरठ। आईएमए के पदाधिकारियों और निजी डॉक्टरों ने शुक्रवार सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक क्लीनिक बंद रखे। आईएमए अध्यक्ष डॉॅ. अनिल कपूर के नेतृत्व में डॉक्टरों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन एडीएम वित्त को सौंपा। डॉक्टरों ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आयुर्वेद के चिकित्सकों को सर्जरी की अनुमति देने का आईएमए विरोध करती है।
आईएमए से जुड़े निजी डॉक्टरों की ओपीडी भी दिन भर बंद रही। हालांकि इस दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों का इलाज जारी रहा। इमरजेंसी सेवा और कोरोना में जिन डॉक्टरों की ड्यूटी लगी है वह काम पर रहे। अध्यक्ष डॉ. कपूर ने कहा कि हम किसी भी चिकित्सा पद्धति के विरोध में नहीं हैं लेकिन केंद्र सरकार की आयुर्वेद के चिकित्सक को सर्जरी की अनुमति देने का पुरजोर विरोध करते हैं। चाहे कोरोना काल रहा हो या और कोई मौका, आईएमए ने हर समय योगदान दिया है। देश में नहीं विदेशों में भी योग्य डॉक्टरों व आईएमए ने पहचान स्थापित की है। ज्ञापन देने के दौरान आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. वीरोत्तम तोमर, सचिव डॉ. मनीषा त्यागी, मीडिया प्रभारी डॉ. उमंग अरोरा, डॉ. एमके बंसल, डॉ. आशु मितल, विकास गुप्ता, डॉ. अमित उपाध्याय, डॉ. ऋषि भाटिया, डॉ. विवेक, मेधावी तोमर मौजूद रहे।
चिकित्सकों ने भेजे संदेश
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही, डॉ. शिशिर जैन, डॉ. विश्वजीत बैंबी व आईएमए के पूर्व सचिव डॉ. अनिल नौसरान ने आईएमए अध्यक्ष को संदेश भेजकर आंदोलन में सहयोग की बात कही। वहीं, जिला मेरठ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह व महामंत्री घनश्याम मित्तल ने आंदोलन का समर्थन किया। ब्यूरो
भटकते रहे मरीज
निजी डॉक्टरों के क्लीनिक बंद रहने के चलते कई जगह मरीज भटकते रहे। क्लीनिक बंद मिलने पर लालकुर्ती निवासी सुषमा अपने बेटे को लेकर मेडिकल अस्पताल पहुंची। जागृति विहार निवासी सुशील और माछरा निवासी राकेश के परिवार के 3 लोग भी मेडिकल पहुंचे। लिसाड़ीगेट निवासी जफर अपनी पत्नी और बेटी को लेकर इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे।