मेरठ। फेसबुक पर विज्ञापन देख बैंक का एप डाउनलोड करने के दौरान बुजुर्ग फिशिंग हमले का शिकार हो गए। साइबर अपराधियों ने उनके खाते से दो लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
नौचंदी थाना क्षेत्र के गढ़ रोड सम्राट पैलेस निवासी 75 वर्षीय ब्रजमोहन का पंजाब नेशनल बैंक में खाता है। 11 जुलाई की रात करीब 12 बजे फेसबुक पर उन्होंने एक विज्ञापन देखा। विज्ञापन पर क्लिक करके उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक का एप डाउनलोड किया। इस दौरान साइबर अपराधियों ने उनका मोबाइल हैक कर लिया। जब वह कुछ समझ पाते साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते से दो लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने पुलिस ने अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की है। एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि आरोपियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। बैंकों को रकम फ्रीज करने के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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क्या है फिशिंग
फिशिंग एक प्रकार का साइबर अपराध है। इसमें साइबर अपराधी अक्सर लुभावने मेसेज, ईमेल या विज्ञापनों के माध्यम से अनजान लिंक भेजते हैं, जो आपको नकली वेबसाइटों पर ले जाते हैं। यहां साइबर अपराधी आपका यूजरनेम, पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड नंबर, बैंक खाते की जानकारी या अन्य संवेदनशील जानकारी चुरा लेते हैं। इसके लिए अक्सर वैध संस्थाओं जैसे कि बैंक, ऑनलाइन स्टोर, या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का प्रतिरूपण किया जाता है। फिशिंग हमलों में, साइबर अपराधी अक्सर आकर्षक प्रस्ताव या डराने-धमकाने वाली सूचनाओं का उपयोग करते हैं, जिससे शिकार को जल्द प्रतिक्रिया देने के लिए प्रेरित किया जा सके और वे बिना सोचे-समझे अपनी जानकारी साझा कर दें।
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फिशिंग हमले में ये बरतें सावधानी
विज्ञापन, मेसेज या ईमेल में आए लिंक पर क्लिक करने से पहले, उसकी प्रामाणिकता की जांच कर लें।
संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें, भले ही वह किसी विश्वसनीय स्रोत से आया हो।
सुरक्षा सॉफ्टवेयर का उपयोग करें और इसे अपडेट रखें। अपने डिवाइस को नियमित रूप से स्कैन करें।
यदि आप किसी अनजान लिंक पर क्लिक करते हैं, तो तुरंत अपने बैंक या वित्तीय संस्थान को सूचित करें और अपने खाते की जानकारी बदलें।
साइबर अपराध की शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर 24 घंटे के भीतर दर्ज कराएं।