पीपीपी मॉडल पर दिए शौचालय ही खुले
शहर में कमिश्नरी चौराहा, टीपीनगर थाने के पास बनाए गए सार्वजनिक शौचालय पीपीपी मॉडल पर हैं। यहां संस्था के लोग सफाई करते हैं और यूजर चार्ज वसूलते हैं। इससे शौचालय का रखरखाव होता है। इन शौचालयों का जनता को पूरा लाभ मिल रहा है।
निगम के शौचालयों में पानी नहीं
निगम द्वारा शहर में बनाए गए शौचालयों में सुविधाएं मिलना तो दूर की बात है, जब निगम परिसर में बने शौचालय ही पानी और लाइट विहीन हैं। कई बार जनता ने अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन सुधार नहीं हो रहा है। जबकि हर दूसरे साल शौचालय निर्माण पर कई लाख रुपये का बजट खर्च हो रहा है।
ओडीएफ के दावे हवाई
निगम का दावा है कि महानगर खुले में शौच मुक्त हो चुका है। लेकिन उसके ये दावे हवाई साबित हो रहे हैं। शहर के हर घर ही नहीं बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर नगर निगम शौचालय बनवा रहा है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में लोग इनका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
संचालन व सफाई की व्यवस्था नहीं
शहर में जगह-जगह शौचालय बनकर तैयार है, लेकिन इसके संचालन और सफाई की व्यवस्था पर अभी कोई विचार नहीं किया गया है। इनकी सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने के कारण कई जगह तो लोगों ने इनमें तोड़फोड़ शुरू कर दी है।
जिन ठेकेदारों ने शौचालय बनाए हैं। उन्हीं को पानी कनेक्शन, लाइट आदि की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए हैं। सभी को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जल्द शौचालय संचालन की व्यवस्था कराई जाएगी। आसपास रहने वालों को शौचालय की चाबी दी जा सकती है। -मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त।