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चुनावी स्टंट है कैराना का प्रपंच : चौधरी अजित सिंह

Tue, 14 Jun 2016 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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बाइपास पर लोकदल का कार्यक्रम - फोटो : अमर उजाला
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 राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के मुखिया चौधरी अजित सिंह ने कहा है कि भाजपा के पास विकास के नाम पर दिखाने के लिये कुछ नहीं है। इसलिये ही भाजपा अपने सांसद हुकुम सिंह की बेटी को चुनाव जिताने के साथ प्रदेश की सत्ता में काबिज होने के लिये कैराना का प्रपंच रच रही है। आरोप लगाया कि इससे पहले लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ने मुजफ्फरनगर दंगा कराया था। यह सब भाजपा का चुनावी स्टंट है।
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सोमवार को बाईपास स्थित केशव गार्डन में हुये मंडलीय अति पिछड़ा सम्मेलन में उन्होंने कहा कि पिछले विधान परिषद चुनाव में भाजपा को हराने के लिए रालोद ने बसपा को वोट किया था। भाजपा इस बार एक पूंजीपति की पत्नी को लड़ाने के लिए ले आई तो रालोद ने सपा और कांग्रेस का साथ दिया। अजित ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के पास दो साल बाद भी विकास के नाम पर दिखाने के लिये कुछ नहीं है। इलाहाबाद में चल रही भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में विकास, शिक्षा, रोजगार, भाईचारा, अमन आदि की दरकिनार कर कैराना और मथुरा को मुद्दा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कैराना के सांसद हुकुम सिंह ने पलायन करने वाले 346 लोगों की सूची सौंपी थी। इनमें से 180 लोगों की जांच में चार की मौत हो चुकी है, जबकि 13 लोग वहीं रह रहे हैं। दावा किया कि सूची में शामिल 68 लोग 10 साल पहले ही कारोबार के सिलसिले में कैराना छोड़ गए थे।

हुकुम ही तो सांसद-विधायक बनते आ रहे हैं
चौधरी अजित सिंह ने कहा कि हुकुम सिंह अपनी बेटी को आने वाली विधानसभा चुनाव में कैराना सीट से चुनाव जिताना चाहते हैं। इसके लिए वह हिंदुओं के पलायन का प्रपंच रचकर एक बार फिर दंगा कराना चाहते हैं। अजित ने सवाल किया कि हुकुम सिंह इतने सालों से कैराना से विधायक और सांसद बनते आ रहे हैं तो उनके रहते हुये यह सब कैसे हो गया।
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भाजपा के आंकड़े गलत, वायदे झूठे
अजित ने कहा कि भाजपा के आंकड़े गलत होते हैं और वायदे झूठे। पीएम नरेंद्र मोदी ने सहारनपुर रैली में कहा था कि गन्ना किसानों का शुगर मिलों पर मात्र 700 करोड़ बकाया रह गया है। जबकि, प्रदेश के किसानों का अभी तक भी 5400 करोड़ रुपये बकाया है। चुनाव से पहले कहा था कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कर फसल लागत का डेढ़ गुना दाम देंगे, लेकिन अब कह रहे हैं कि छह साल में किसानों की आय दोगुनी करेंगे। बकौल अजित, कृषि मंत्री कह रहे हैं कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य को सही नहीं मानती। गन्ना किसानों को तोड़ने के लिये चीनी के निर्यात पर 25 फीसदी ड्यूटी बढ़ा दी है। जबकि, गेहूं के  आयात को ड्यूटी फ्री कर दिया है। उन्होंने लोगों से सवाल किया कि क्या आ गए अच्छे दिन? आ गए बैंक खातों में 15 लाख और क्या युवाओं को मिल गई नौकरी?

शरीफ की मां के पांव छूकर आ गए
अजित ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले पीएम ने कहा था एक सैनिक का गला काटने पर वे दुश्मन के 10 सैनिकों के गले लाएंगे। क्या हुआ? बिना बताए पाकिस्तान गए और शरीफ की मां के पांव छूकर चले आए। पहले कहते थे कि शादी नहीं हुई। पत्नी मिली तो पता नहीं अब कहां है। दो साल में मां को दिल्ली लाए, मां को व्हीलचेयर पर घुमाते हुये मीडिया में फोटो खिंचाई और एक दिन बाद ही गुजरात भेज दिया।

धर्म-जाति के झगड़ों को पहचानों
अजित ने सम्मेलन में आए लोगों से आह्वान किया कि वे दंगा भड़काने वालों से सावधान रहें। धर्म-जाति के झगड़ों को पहचानकर एकजुट हो जाएं और रालोद के साथ आकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ें। आरोप लगाया कि मुजफ्फरनगर दंगा कराने में एक मीडिया हाउस का भी हाथ था। जहां वर्ष-1942 और 1992 में भी दंगा ना हुआ हो, वहां का माहौल खराब करके साजिश के तहत दंगा कराया गया।

किसान दुखी तो व्यापारी खुश कैसे
अजित ने कहा कि 70 फीसदी आबादी गांव में बसती है, जिसका आधार कृषि है। किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम नहीं मिल रहा है। समय से भुगतान नहीं हो पा रहा है। इसलिए व्यापारी का धंधा भी चौपट है। देश मुसलमान और हिंदुओं के आपसी भाईचारे से ही आगे बढ़ेगा।
सम्मेलन में ये रहे शामिल
सम्मेलन की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ताराचंद शास्त्री ने की। संचालन भोपाल गुर्जर ने किया। इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी, राष्ट्रीय महासचिव राजेंद्र शर्मा, पूर्व विधायक जगत सिंह, वेस्ट यूपी अध्यक्ष मुंशीराम, वेस्ट यूपी संगठन प्रभारी डॉ. राजकुमार सांगवान, विधायक छपरौली वीरपाल राठी, विधायक सुदेश शर्मा, एमएलसी मुस्ताक चौधरी, राष्ट्रीय सचिव मुकेश जैन, पूर्व विधायक डॉ. महक सिंह, जिलाध्यक्ष यशवीर सिंह, अब्दुल गफ्फार, राजेंद्र चिकारा, सुनील रोहटा, रणवीर दहिया, इंद्रपाल सिंह, डॉ. अजेंद्र शर्मा, कपिल बिसला, संदीप चौधरी, नायब अली, अनीश कुरैशी, नरेंद्र खजूरी, मनोज राणा, गौरव जिटौली, राजेंद्र जानी, विनय मल्लापुर, बिजेंद्र भाटी, संजीव पस्तरा, वरुण सांगवान, सत्यचंद्र चौधरी, केपी भाटी, संजीव पाल, रीना सैनी, सोहराब गयास आदि मौजूद रहे।
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