संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर में चर्च और आसपास के मोहल्लों तथा विद्यालयों में क्रिसमस पर्व की तैयारियां जोरों पर हैं। संत जोसेफ गर्ल्स इंटर कॉलेज के प्रांगण से शुरू हुई कैरोल सिंगिंग के साथ ही प्रभु यीशु मसीह के आगमन का संदेश घर-घर पहुंचाया गया। शुक्रवार को फादर मार्टिन रावत और अन्य श्रद्धालु संत जोसेफ गर्ल्स इंटर कॉलेज, झिटकरी रोड पर गुरुकुल, संत चार्ल्स इंटर कॉलेज और कृपाओं की माता हॉस्पिटल सहित अन्य स्थानों पर पहुंचे।
श्रद्धालुओं और बच्चों के समूह ने पारंपरिक भजनों और कैरोल सिंगिंग के माध्यम से प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश दिया। समूह ने लोगों को क्रिसमस की शुभकामनाएं दी और प्रभु यीशु के जन्म का महत्व समझाया। क्रिसमस के नजदीक आते ही चर्च परिसर में प्रभु यीशु के जन्म का प्रतीक ‘चरनी’ सजाने का कार्य शुरू हो गया है। बालक यीशु, माता मरियम, संत जोसेफ, चरवाहे और पशु-पक्षियों की आकर्षक आकृतियां सजाई जा रही हैं। रंग-बिरंगी लाइटें, फूल और प्राकृतिक सामग्री से सजाई जा रही चरनी से भक्तिमय वातावरण बन गया है।
ऐतिहासिक रोमन कैथोलिक चर्च में नौरोजी प्रार्थना के दौरान ईसा मसीह के उपदेशों, शिक्षाओं और उनके वचनों को याद किया गया। प्रार्थना सभा में बताया गया कि क्रिसमस का पर्व केवल धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि उपवास और संयम का समय भी है। फादर मार्टिन रावत और फादर वलेरियन पिंटो ने प्रभु यीशु के जीवन, उनके बलिदान और मानवता के लिए किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रभु ने शोषितों और गरीबों की सेवा को सर्वोच्च धार्मिक कर्तव्य बताया और अपने जीवन के माध्यम से प्रेम, सहनशीलता और सत्य मार्ग पर चलने का संदेश दिया।