भीमकुंड वेटलैंड में बच्चों ने किया प्रवासी पक्षियों का दीदार
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर (मेरठ)। विश्व आर्द्र भूमि दिवस के अवसर पर हस्तिनापुर वन्यजीव सेंक्चुअरि क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से वन विभाग, नमामि गंगे, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ द्वारा विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के कई स्कूल-कॉलेजों के बच्चों ने भाग लिया। पक्षी विशेषज्ञों द्वारा बच्चों को आर्द्र भूमियों के महत्व और प्रवासी पक्षियों की दुनिया से रूबरू कराया गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण वन विभाग के भीमकुंड वेटलैंड में आयोजित बर्ड वॉचिंग रहा। यहां बच्चों ने दूरबीन के माध्यम से विभिन्न प्रजातियों के स्थानीय और प्रवासी पक्षियों को नजदीक से देखा। रंग-बिरंगे पक्षियों को खुले जल क्षेत्र में विचरण करते देख छात्र-छात्राएं उत्साहित नजर आए।
डीएफओ वंदना फौगाट ने बच्चों को प्रवासी पक्षियों की लंबी यात्राओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबेरिया, मंगोलिया, चीन, जापान समेत कई ठंडे देशों से पक्षी हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर सर्दियों के मौसम में हस्तिनापुर की सेंक्चुअरि में पहुंचते हैं। गंगा का विस्तृत जल क्षेत्र, आर्द्रभूमियां, पर्याप्त भोजन और अनुकूल मौसम इस क्षेत्र को पक्षियों के लिए सुरक्षित आश्रय प्रदान करते हैं।
वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय ने बताया कि आर्द्र भूमियां न केवल पक्षियों बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बेहद जरूरी हैं। बच्चों से अपील की गई कि वह पक्षियों को नुकसान न पहुंचाएं और प्रकृति संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों सहित शोभित यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर प्रियंक भारती, जैन इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्य आरती त्रिपाठी, सुनील पोसवाल, सतेंद्र कुमार, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के हरिमोहन मीणा, नमामि गंगे परियोजना अधिकारी तुषार गुप्ता सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
बच्चों में पक्षी संरक्षण की समझ विकसित करना जरूरी
पक्षी विशेषज्ञ डॉ. रजत भार्गव ने बर्ड सेंक्चुअरि भ्रमण के दौरान बच्चों को पक्षियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सेंक्चुअरि में पाई जाने वाली कई नई और दुर्लभ पक्षी एवं विभिन्न प्रजातियों, उनके प्रवास चक्र और संरक्षण की चुनौतियों पर विस्तार से जानकारी दी।
इन स्कूलों के बच्चे रहे मौजूद
शोभित यूनिवर्सिटी मेरठ, स्प्रिंग ड्रिल्स मवाना, जैन इंटरनेशनल स्कूल हस्तिनापुर, हस्तिनापुर पब्लिक स्कूल आदि से करीब 300 छात्र-छात्राएं वन विभाग के बर्ड वाॅचिंग कार्यक्रम में पहुंचे।
प्रवासी पक्षियों को देखते बच्चे स्रोत संवाद
प्रवासी पक्षियों को देखते बच्चे स्रोत संवाद