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ऑनलाइन पढ़ाई से परेशान हो रहे बच्चे - कुछ समझ नहीं आ रहा, आंख, गर्दन में हो रही दर्द की शिकायत

Sun, 03 May 2020 03:47 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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लॉकडाउन में बच्चों को व्यस्त रखने के लिए शुरू हुई ऑनलाइन पढ़ाई अभिभावकों व बच्चों और शिक्षकों सभी के लिए मुसीबत बन गई है। बच्चों का अधिकांश समय ऑनलाइन स्टडी के कारण मोबाइल, लैपटॉप पर गुजर रहा है। शिक्षक भी ऑनलाइन पढ़ाई के लिए पाठ बनाने से परेशान हैं।
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वहीं अभिभावकों को परेशानी है कि बच्चा सारा दिन मोबाइल से चिपका रहता है। गांवों में बिजली न आना, तकनीकी ज्ञान में कमी, व्हाट्सएप व इंटरनेट न होने की समस्या के कारण बच्चे ऑनलाइन पढ़ नहीं पा रहे। शहरों में बच्चे सारा दिन ऑनलाइन पढ़ाई करने के बाद भी पाठ नहीं समझ पा रहे।

सारा दिन मोबाइल में लगा रहता है बच्चा
पैराडाइज कॉलोनी गंगानगर निवासी प्रीति का कहना है कि दो बेटे सारांश और क्रिस हैं। जिस दिन से ऑनलाइन क्लास शुरू हुई है, बच्चा सारा दिन मोबाइल में लगा रहता है। आंखों में दर्द, सर दर्द, हाथ में दर्द हो जाता है। मोबाइल भी बच्चों के कारण पूरे दिन व्यस्त रहता है। बच्चा फ्री ही नहीं हो पाता।
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सिर व आंख में दर्द की परेशानी, याददाश्त हो रही कम
नवीं क्लास में पढ़ने वाले देव शर्मा की मां मोनिका कहती हैं कि जब से बच्चे ने ऑनलाइन पढ़ना शुरू किया है उसे आंखों में समस्या होने लगी है। याद करने की शक्ति भी कम हो रही है। क्योंकि बच्चा हर चीज कंप्यूटर पर सेव कर लेता है। किताब से तो कोई पढ़ाई हो नहीं रही, जिसमें बच्चा याद भी करे। जिस तरह मोबाइल आने से हमें नंबर याद होना बंद हो गया है। उसी तरह से ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों की मेमोरी लॉस हो रही है।
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बच्चे रहते हैं हर समय व्यस्त
छठीं कक्षा में पढ़ने वाले आरव की मां दीपा यादव कहती हैं कि ऑनलाइन पढ़ाई के कारण बच्चे सारे दिन व्यस्त रहते है,ं लेकिन उसे कुछ समझ नहीं आता। पढ़ाई तो किताब, कॉपी से ही हो सकती है। ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों को कोई फायदा नहीं मिल रहा, बल्कि बच्चों में मोबाइल और लैपटॉप देखने की आदत और पड़ रही है, जो गलत है।

बच्चों को हो रही है यह दिक्कत
1. ऑनलाइन स्टडी के कारण बच्चों को अपना टॉपिक समझ नहीं आ रहा है। अभी तक बच्चों को ब्लैकबोर्ड और किताबों से पढ़ने की आदत थी, इसलिए ऑनलाइन स्टडी का वह पूरा लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
2. इंटरनेट स्लो होने व बिजली न होने के कारण मोबाइल रिचार्ज नहीं हो पाते हैं, जिस कारण कई बच्चे समय पर ऑनलाइन क्लास से नहीं जुड़ पा रहे, जिसकी वजह से उनका पाठ छूट जाता है।
3. बच्चे को अगर कोई समस्या है तो उसे उसका समाधान नहीं मिल पा रहा है।
4. बच्चों का अधिकांश समय एक ही तरह बैठे हुए गुजर रहा है, जिसकी वजह से कमर दर्द, वजन बढ़ने, सायटिका, सिर व गर्दन में दर्द की समस्या भी हो रही है।
5. लगातार मोबाइल लैपटॉप व कंप्यूटर स्क्रीन पर पांच घंटे बिताने के कारण उनकी आंखों में भी परेशानी हो रही है। आंखों में सूखेपन की समस्या आ रही है।
6. स्कूल के अलावा कोचिंग, हॉबी क्लास सभी ऑनलाइन हैं, जिसकी वजह से लगातार कंप्यूटर के सामने बैठने और क्लास में व्यस्त रहने से बच्चों को समझ में नहीं आ रहा कि वह क्या करें। पाठ समझने में दिक्कत हो रही।
7. छोटे बच्चों के लिए ऑनलाइन क्लास बिल्कुल भी लाभकारी नहीं है। बच्चों के स्थान पर अभिभावक क्लास करते हैं।

लंबे समय तक बच्चा जब लैपटॉप या मोबाइल के सामने बैठेगा तो परेशानी होगी। उसे आंखों, गर्दन, हाथों सभी में दर्द होगा। लगातार काम करने से दिमाग में भी कॉन्सेप्ट को स्टोर करने की क्षमता प्रभावित होती है। बच्चे का वजन भी बढ़ सकता है, इसलिए ऑनलाइन क्लास एक घंटे से अधिक पूरे दिन में नहीं होना चाहिए। - डॉ. कशिका जैन, मनोचिकित्सक
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