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मुख्यमंत्री योगी को नहीं खबर, दुग्ध मंत्री की एस्कार्ट में गाड़ी लगाने के नाम पर बड़ा खेल

Wed, 22 Aug 2018 07:02 PM IST
अनुज मित्तल, अमर उजाला, मेरठ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही सख्ती दिखा रहे हों, लेकिन उनके मंत्री और अधिनस्थ खेल करने से बाज नहीं आ रहे हैं। प्रदेश के दुग्ध विकास मंत्री की हनक के लिए दुग्ध संघ द्वारा एस्कार्ट में जो गाड़ी उपलब्ध कराई गई है। उसमें बड़ा खेल सामने आया है। इस गाड़ी को मथुरा दुग्ध उत्पादक संघ द्वारा लगाया गया है, लेकिन भुगतान गगोल दुग्ध उत्पादक संघ मेरठ द्वारा किया जा रहा है। बड़ी बात ये है कि मंत्री चाहे विधानसभा सत्र में हों या कहीं और, लेकिन गाड़ी लगातार दौड़ रही है। हर माह एक लाख रुपये से ज्यादा का भुगतान किया जा रहा है।

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ये है पूरा मामला
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही दुग्ध विकास मंत्री के लिए विभाग द्वारा एक गाड़ी की व्यवस्था एस्कार्ट के रूप में कराने का निर्देश दुग्ध आयुक्त द्वारा जारी किया गया। यह आदेश प्रधान प्रबंधक गगोल दुग्ध उत्पादक संघ परतापुर के नाम जारी हुआ। 27 अप्रैल 2017 को जारी इस आदेश में गगोल दुग्ध संघ को वाहन उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था। लेकिन बाद में वाहन की व्यवस्था मथुरा दुग्ध संघ द्वारा की गई और भुगतान गगोल दुग्ध संघ परतापुर मेरठ को करने के लिए कहा गया। अप्रैल 2017 से ही एक गाड़ी चालक सहित प्रतिदिन एक हजार रुपये किराया और 8 किमी प्रति लीटर डीजल खर्च पर दुग्ध विकास मंत्री के साथ चल रही है। गाड़ी की लॉग बुक मासिक या पाक्षिक स्तर पर मथुरा द्वारा भरी जाती है और भुगतान के लिए गगोल संघ को भेज दिया जाता है।

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एक गाड़ी लखनऊ दुग्ध संघ से भी

दुग्ध आयुक्त के पत्र में एक अहम बात और सामने आ रही है। जिसमें एक गाड़ी जहां गगोल दुग्ध संघ परतापुर से मंत्री की अगुवानी में लगा रखी है, तो एक गाड़ी लखनऊ दुग्ध संघ से भी लगाई गई है। मंत्री जी के काफिले में दो गाड़ियां दुग्ध संघ द्वारा लगाई गई हैं। 

किराए, डीजल में खर्च 18 लाख
गगोल दुग्ध संघ द्वारा अब तक मंत्री की एस्कार्ट में लगाई गई गाड़ी के भुगतान वाउचर को देखें तो साफ पता चलता है कि पिछले सवा साल में गगोल दुग्ध संघ करीब 18 लाख रुपये का भुगतान किराये और डीजल आदि पर कर चुका है। मामले में सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि गाड़ी की पूरी लॉग बुक मथुरा दुग्ध संघ द्वारा भरी जाती है। इनोवा गाड़ी यूपी 85 एजेड 7707 भी मथुरा की है। लेकिन भुगतान गगोल दुग्ध संघ मेरठ कर रहा है। लेकिन गगोल दुग्ध संघ के महाप्रबंधक ने अभी तक भी किसी भुगतान प्रक्रिया पर कोई आपत्ति नहीं लगाई है। गगोल दुग्ध संघ की पूर्व चेयरमैन इंद्रेश के पति वेदप्रकाश उर्फ बेदी का कहना है कि मामले के सभी साक्ष्य जुटा चुके हैं। हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे।

गाड़ी के लिए दुग्ध आयुक्त द्वारा स्वीकृति दी गई है। उनके आदेश पर ही हम भुगतान कर रहे हैं। -एसी वर्मा, महाप्रबंधक गगोल दुग्ध संघ परतापुर।

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