प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही सख्ती दिखा रहे हों, लेकिन उनके मंत्री और अधिनस्थ खेल करने से बाज नहीं आ रहे हैं। प्रदेश के दुग्ध विकास मंत्री की हनक के लिए दुग्ध संघ द्वारा एस्कार्ट में जो गाड़ी उपलब्ध कराई गई है। उसमें बड़ा खेल सामने आया है। इस गाड़ी को मथुरा दुग्ध उत्पादक संघ द्वारा लगाया गया है, लेकिन भुगतान गगोल दुग्ध उत्पादक संघ मेरठ द्वारा किया जा रहा है। बड़ी बात ये है कि मंत्री चाहे विधानसभा सत्र में हों या कहीं और, लेकिन गाड़ी लगातार दौड़ रही है। हर माह एक लाख रुपये से ज्यादा का भुगतान किया जा रहा है।
ये है पूरा मामला
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही दुग्ध विकास मंत्री के लिए विभाग द्वारा एक गाड़ी की व्यवस्था एस्कार्ट के रूप में कराने का निर्देश दुग्ध आयुक्त द्वारा जारी किया गया। यह आदेश प्रधान प्रबंधक गगोल दुग्ध उत्पादक संघ परतापुर के नाम जारी हुआ। 27 अप्रैल 2017 को जारी इस आदेश में गगोल दुग्ध संघ को वाहन उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था। लेकिन बाद में वाहन की व्यवस्था मथुरा दुग्ध संघ द्वारा की गई और भुगतान गगोल दुग्ध संघ परतापुर मेरठ को करने के लिए कहा गया। अप्रैल 2017 से ही एक गाड़ी चालक सहित प्रतिदिन एक हजार रुपये किराया और 8 किमी प्रति लीटर डीजल खर्च पर दुग्ध विकास मंत्री के साथ चल रही है। गाड़ी की लॉग बुक मासिक या पाक्षिक स्तर पर मथुरा द्वारा भरी जाती है और भुगतान के लिए गगोल संघ को भेज दिया जाता है।