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नदियों का जीवन बचाने को एनसीआर में लागू होगा चार्टर प्लान, सीपीसीबी को भेजा प्रारूप

Mon, 02 Sep 2019 05:11 PM IST
Dimple Sirohi मोहित कुमार, अमर उजाला, मेरठ
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गंगा - फोटो : अमर उजाला
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गंगा को प्रदूषण से बचाने और पानी की खपत कम करने के लिए अब एनसीआर के टेक्सटाइल उद्योग पर चार्टर प्लान लागू होने जा रहा है। गंगा और सहायक नदियों का जीवन बचाने के लिए मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, गाजियाबाद, बिजनौर और ग्रेटर नोएडा के टेक्सटाइल उद्यमियों को 10 सितंबर तक सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) नई दिल्ली को एक्शन प्लान भेजना है। एनसीआर में इस समय टेक्सटाइल उद्योगों की संख्या 642 है।

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गोष्ठी के माध्यम से जागरूकता
चार्टर प्लान लागू करने के लिए सीपीसीबी और क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मोदीपुरम गोष्ठियों के माध्यम से एनसीआर के सभी जिलों के उद्यमियों को जागरूक कर रहे हैं।
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पिछले दिनों मेरठ में सीपीसीबी के एडिशन डायरेक्टर अजीत विद्यार्थी, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी आरके त्यागी और सहायक प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ. योगेंद्र कुमार ने उद्यमियों के साथ गोष्ठी कर उन्हें जागरूक किया। उद्यमियों के साथ तय हुआ कि पानी बचाने और प्रदूषण पर वार करने के लिए एक्शन प्लान भेजा जाए।
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पेपर मिल में हो चुका लागू
सीपीसीबी गंगा को शुद्ध रखने के लिए इस कार्य को कर रही है। इससे पहले यह व्यवस्था पेपर मिलों में भी लागू की गई थी। जहां पर एक टन पर खर्च होने वाले 40 केएलडी पानी की खपत अब वर्तमान में लगभग 15 केएलडी तक आ गई है। 

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