50 करोड़ की नकली किताबों के मामले में 4 पर चार्जशीट लगाई
मेरठ। परतापुर में 21 अगस्त को पकड़ी गई करोड़ों रूपयों की किताबों के मामले में पुलिस ने 4 लोगों के खिलाफ चार्जशीट लगा दी है। इनमें जेल भेजे गए चारों आरोपियों पर चार्जशीट लगाई गई है। जबकि पुलिस का कहना है कि अन्य जो भी लोग एफआईआर में शामिल हैं उनकी जांच की जा रही है।
एक अधिकारी के अनुसार 21 अगस्त 2020 में एसटीएफ व पुलिस टीम ने थाना परतापुर क्षेत्र में एक गोदाम में छापा मारकर करीब 35 करोड़ की एनसीईआरटी की किताबें और छह प्रिटिंग मशीन बरामद की गई हैं। बाद में अमरोहा में भी 6 लाख किताबें पकड़ी गई। अच्छरौंडा-कांशी गांव के मार्ग पर गोदाम में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की फर्जी पुस्तकों को बरामद किया। यह गोदाम सुशांत सिटी परतापुर निवासी प्रकाशक सचिन गुप्ता का बताया गया। सचिन की टीएनएचके प्रिंट एंड पब्लिशर के नाम से मोहकमपुर में प्रिंटिंग प्रेस की जानकारी पुलिस को लगी थी। जब पुलिस मोहकमपुर प्रिंटिंग प्रेस पर पहुंची। जहां पर आरोपियों ने सुबूत मिटाने के लिए पुस्तकों में आग लगा दी और फरार हो गए। जांच में सामने आया कि प्रिंटिंग प्रेस और गोदाम में फर्जी पुस्तकें तैयार की जा रही थीं। इस मामले में भाजपा नेता संजीव गुप्ता पर भी केस दर्ज किया गया था। पुलिस की जांच में सामने आया कि संजीव गुप्ता व सचिन गुप्ता मिलकर कई सालों से नकली किताबों का काम कर रहे थे। पूर्व में परतापुर इंस्पेक्टर आनंद मिश्रा ने जांच की। बाद में जांच के लिए एसएसपी अजय साहनी ने एसआईटी गठित की गई। सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया के निर्देशन में लिसाड़ीगेट थाने के इंस्पेक्टर अपराध विवेचना कर रहे हैं। पुलिस ने जेल भेजे गए शिवम, आकाश, राहुल, सुनील पर चार्जशीट लगाई है।