- सुभारती विश्वविद्यालय में भारतीय शिक्षा प्रणाली में योगदान पर हुआ व्याख्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। सुभारती विश्वविद्यालय में भारतीय शिक्षा प्रणाली में योगदान विषय पर विशेष अतिथि व्याख्यान किया गया। इसमें वक्ताओं ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के शैक्षिक दर्शन और आधुनिक शिक्षा में उसके महत्व पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में समाजसेवी अजय गुप्ता और अनोज राज मुख्य वक्ता रहे।
गुप्ता ने कहा कि आधुनिक शिक्षा में भी चरित्र निर्माण और अनुशासन जरूरी है। नेताजी का मानना था कि सभी वर्गों के लिए सार्वभौमिक शिक्षा आवश्यक है। उन्होंने वैदिक शिक्षा प्रणाली और नैतिकता पर बल दिया। उन्होंने आधुनिक शिक्षा में चरित्र निर्माण, स्वास्थ्य, अनुशासन और कर्मयोग को अनिवार्य बताया। डॉ. अनोज राज ने कहा कि शिक्षा ज्ञान के साथ ही व्यक्तित्व विकास और सामाजिक उत्थान का माध्यम है।
महिला शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि कोई भी समाज तब तक प्रगति नहीं कर सकता, जब तक महिलाएं शिक्षित और आत्मनिर्भर न हों। उन्होंने कहा कि कि यदि नेताजी स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री बने होते तो देश का परिदृश्य बिल्कुल अलग होता। व्याख्यान के अंत में मेजर डॉ. देशराज सिंह ने गीता के ज्ञान को सर्वोत्तम बताया। उन्होंने कहा कि अधिकतर महापुरुषों ने गीता से ही प्रेरणा ली। उन्होंने कहा कि नेताजी ने भी अपने सिद्धांतों को गीता के श्लोकों को ही आधार बनाकर प्रतिपादित किया है।