- रमेश का बेटा रात 12 बजे तक पहुंचेगा घर, मंगलवार सुबह होगा अंतिम संस्कार
- अधिकारियों के सरकारी मदद के आश्वासन पर माने परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। मेरठ-करनाल हाईवे पर दबथुआ गांव के पास रविवार देर रात हुए सड़क हादसे ने तीन परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। हादसे में जान गंवाने वाले रमेश, सुशील और अमर के शव सोमवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे तो घरों में चीख-पुकार मच गई। अपनों के शव देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। तीन लोगों की एक साथ मौत से पूरे गांव में शोक छा गया। इस बीच एक मृतक के परिजनों ने मेरठ-करनाल हाईवे जाम करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने नियमानुसार सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन शांत हुए।
हादसे में दबथुआ निवासी रमेश (55) पुत्र हरपाल, सुशील (47) पुत्र विजय और अमर (30) पुत्र मुखिया की मौत हो गई थी। रमेश मुरादनगर स्थित किसान इंटर कॉलेज में लिपिक के पद पर कार्यरत थे। सुशील गांव में परचून की दुकान चलाते थे, जबकि अमर मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते थे। हादसे में रोहित घायल हो गया था। तीन परिवारों के कमाऊ सदस्यों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है।
परिजनों से मिले विधायक और अधिकारी
सोमवार को रालोद विधायक हाजी गुलाम मोहम्मद, सुनील रोहटा और जिलाध्यक्ष अनिकेत त्यागी दबथुआ पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और दुख की घड़ी में साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। एसडीएम उदित नारायण सेंगर और सीओ आशुतोष कुमार ने भी पीड़ित परिवारों से मिलकर ढाढ़स बंधाया। अधिकारियों ने नियमानुसार सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
सरकारी मदद के आश्वासन पर माने परिजन
तीन लोगों की मौत से गमजदा एक मृतक के परिजनों ने मेरठ-करनाल हाईवे जाम करने का प्रयास किया। इससे मौके पर हलचल मच गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को समझाया और सरकारी सहायता दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद परिजन मान गए। सुरक्षा के मद्देनजर कई थानों की पुलिस तैनात रही।
आज होगा रमेश का अंतिम संस्कार
रमेश का अंतिम संस्कार मंगलवार सुबह किया जाएगा। उनका बेटा रात करीब 12 बजे तक घर पहुंच पाएगा। बेटे के घर पहुंचने के बाद मंगलवार सुबह अंतिम संस्कार की तैयारी की जाएगी। वहीं, हादसे में जान गंवाने वाले सुशील और अमर के अंतिम संस्कार को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में शोक का माहौल बना हुआ है। हादसे ने तीन परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। परिजन अब प्रशासन की ओर से मिलने वाली सरकारी सहायता की उम्मीद लगाए हुए हैं।
सरधना। मेरठ करनाल हाईवे पर दबथुवा मेंसडृक हादसे में तीन मौत के बाद जाम के लिए बैठी महिलाओं को स