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अखिलेश यादव के हाथ में सपा की ताकत, मेरठ के इन उम्मीदवारों को टिकट मिलना लगभग तय

Mon, 02 Jan 2017 05:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
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मेरठ में सपा कार्यालय पर पहुंचे लोग - फोटो : अमर उजाला
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सपा में अखिलेश यादव के हाथ में ताकत आने से वेस्ट यूपी के सियासी समीकरण भी बदलेंगे। संभव है कि अखिलेश की ओर से जारी की गई सूची के प्रत्याशियों पर ही अब अंतिम मुहर लग जाए। इसके अलावा अखिलेश खेमे के लोगों को अब संगठन में भी मजबूत जिम्मेदारी दी जा सकती है। राज्यसभा सदस्य सुरेंद्र नागर और अतुल प्रधान के अलावा कई अन्य चेहरे इस दौड़ में शामिल नजर आ रहे हैं।
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सपा में चल रही उठापटक के बीच शुरू से ही कई नेता अखिलेश के समर्थन में खुलकर आ गए थे। टिकट कटने के बाद भी अतुल प्रधान ने मुख्यमंत्री के आशीर्वाद से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी थी। इसके अलावा राज्यसभा सदस्य सुरेंद्र नागर को भी अखिलेश खेमे का माना जाता है। दो दिन पहले ही उन्होंने एलान किया था कि वे अखिलेश यादव के साथ हैं। यही नहीं, कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर भी अखिलेश खेमे का खुलकर समर्थन कर चुके हैं। खास बात यह है कि जिन विधायकों ने मुखर होकर अखिलेश का समर्थन किया, उनमें शाहिद मंजूर का नाम सबसे आगे है। मुजफ्फरनगर में पूर्व सांसद संजय चौहान के बेटे चंदन चौहान को अखिलेश की पसंद माना जाता है।
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रफीक भी लड़ सकते हैं चुनाव

रफीक अंसारी, सपा नेता - फोटो : अमर उजाला
अखिलेश यादव ने अपनी सूची में मेरठ शहर सीट से रफीक अंसारी तो सरधना से अतुल प्रधान को प्रत्याशी बनाया है। जबकि, शिवपाल यादव की ओर से जारी सूची में शहर सीट से अयूब अंसारी और सरधना से पिंटू राणा उम्मीदवार हैं। हालांकि, अखिलेश की सूची में कैंट और दक्षिण सीट का जिक्र नहीं है। संभव है कि भविष्य में कांग्रेस और रालोद से गठबंधन की संभावनाओं को देखते हुए इन सीटों को खाली रखा गया हो। यह बात और है कि कैंट सीट से पहले प्रत्याशी घोषित किए गए परविंदर सिंह ईशु भी अखिलेश खेमे के हैं। इनके अलावा नया नाम एमएलसी डॉ. सरोजिनी अग्रवाल की बेटी डॉ. हिमानी अग्रवाल का भी चर्चा में आ रहा है।

वेस्ट यूपी के कई जिलों में पड़ेगा असर
शामली जिले में कैराना के विधायक नाहिद हसन ने भी खुलकर अखिलेश का समर्थन किया था। वहीं, एमएलसी वीरेंद्र सिंह के बेटे मनीष चौहान भी अखिलेश खेमे के बताए जाते हैं। इसके अलावा सहारनपुर में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रहे रामशरण दास के बेटे जगपाल दास टीम अखिलेश का हिस्सा हैं। बिजनौर में मंत्री मूलचंद चौहान सहित नईमुल हसन को भी अखिलेश का करीबी माना जाता है। बागपत जिले में मनोज चौधरी और शौकेंद्र तोमर भी अखिलेश टीम में अहम स्थान पा सकते हैं। दूसरी पीढ़ी के कई अन्य नेता भी अखिलेश टीम के आसपास होने का लाभ उठा सकते हैं।
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अतुल प्रधान पहले से ही मुख्यमंत्री के खास

अखिलेश यादव के साथ अतुल प्रधान
मुलायम सिंह ने कई विरोधी गुटों को एक साथ साधकर वेस्ट यूपी में समीकरण बनाए थे। एक-दूसरे के विरोधी माने जाते रहे शाहिद मंजूर और डॉ. सरोजिनी गुट को साधा तो पुराने व युवा नेताओं का सामंजस्य भी बनाए रखा। एक-दूसरे के विरोधी कहे जाने वाले कई नेता अब अखिलेश के समर्थन में हैं। शाहिद मंजूर भी खुलकर समर्थन में हैं तो अतुल प्रधान पहले से ही मुख्यमंत्री के खास हैं। स्थानीय स्तर पर भी युवा नेताओं में अतुल प्रधान और ओमपाल गुर्जर एक-दूसरे के सामने रहे हैं। ऐसे में नए सिरे से इन सब धड़ों को संतुष्ट करना आसान नहीं होगा।

किसके पाले में होंगे मुस्लिम वोटर
सपा के संग्राम के बीच अब मुस्लिम मतदाताओं के रुख को लेकर चर्चा होने लगी है। वेस्ट यूपी के मुस्लिम मतदाताओं में सपा की अच्छी पैठ भी है। लेकिन, बदले हालात में ये मुलायम खेमे के साथ रहेंगे या अखिलेश, इसे लेकर कयास लगने शुरू हो गए हैं। वहीं, बसपा या दूसरे विकल्पों को लेकर भी चर्चा होने लगी है।
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