मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में पहुंचे 4729 मरीज
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सुबह और रात में तेज ठंड, दिन में में तेज धूप। कभी बारिश तो कभी कोहरा। मौसम का यह बदलाव लोगों को बीमार कर रहा है। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को 4729 मरीज पहुंचे। इनमें सबसे ज्यादा संख्या खांसी, जुकाम, बुखार और गले में इन्फेक्शन आदि के मरीजों की रही। एलोपैथिक और आयुर्वेदिक चिकित्सक इससे बचने का खानपान और रहन सहन में एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।
आयुर्वेदाचार्य डॉ. बृजभूषण शर्मा ने बताया कि घर में या बाहर रोजाना 15-20 मिनट कसरत करें, ताकि शरीर से थोड़ा-बहुत पसीना जरूर निकले। ठंडी चीजों मसलन फ्रीज से निकले पदार्थ का उपयोग बंद कर दें। उन्होंने बताया कि प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लहसुन, अदरक और मेवों का उपयोग करें। यह काफी लाभप्रद है। भोजन में पपीता, कद्दू, गाजर, टमाटर, पालक साग, अमरूद जैसी मौसमी सब्जियों और फलों का सेवन फायदेमंद होता है। इनसे शरीर का तापमान मौसम के मुताबिक गर्म रहेगा। संक्रमण से बचने के लिए रोज सुबह एक लौंग खाना भी लाभप्रद है। कुछ लोगों की शिकायत रहती है कि जाड़े में उनकी त्वचा कड़ी या सुन्न हो जाती है। सुन्न हिस्से को गुनगुने पानी में थोड़ी देर रखने से आराम मिलता है
फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि ठंड का मौसम सीधे तौर पर बीमार नहीं बनाता, लेकिन इससे बीमार होने की आशंका बढ़ सकती है। सर्दियों में सर्दी और फ्लू जैसी बीमारियां ज्याता होती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ठंडी और सूखी हवा में वायरस और बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं। प्रदूषित हवा भी श्वसन तंत्र पर बुरा असर डालती है और गले में इन्फेक्शन का कारण बन सकती है।