मेरठ में 20 दिसंबर, 2019 को सीएए के विरोध में हुई हिंसा में भी पीएफआई का नाम सामने आया था। पुलिस ने पीएफआई के पदाधिकारियों समेत 15 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने पीएफआई सदस्य अनीस उर्फ खलीफा पर रासुका की कार्रवाई भी की थी।
हिंसा भड़काने की साजिश
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अतीकुर्रहमान के सीसीएयू के एक प्रोफेसर से संबंध हैं। युवाओं के एक वर्ग को सीएफआई लगातार अपने संगठन में जोड़ रही है। इनपुट यह भी है कि वेस्ट यूपी के जिलों में दंगा भड़काने या फिर माहौल खराब करने की बड़ी साजिश रची जा रही है। इसके लिए करोड़ों रुपये की फंडिंग की जाती है।
नेटवर्क की चल रही जांच
सीएफआई एजेंट अतीकुर्रहमान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अलर्ट है। अतीकुर्रहमान का कहां-कहां नेटवर्क फैला है, इसकी जांच चल रही है। सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट पर भी काम चल रहा है। - राजीव सभरवाल, एडीजी, मेरठ जोन
प्रोफेसर के अलावा और कौन?
अतीकुर्रहमान को लेकर एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि वह प्रोफेसर से कैसे जुड़ा। प्रोफेसर के अलावा सीसीएसयू के और कौन-कौन शख्स अतीकुर्रहमान के संपर्क में रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह बड़ा खुलासा है लेकिन कोई अधिकारी आधिकारिक तौर पर बोलने के लिए तैयार नहीं है। नेटवर्क जानने के लिए पुलिस, सुरक्षा एजेंसियां गुपचुप तरीके पीएफआई और सीएफआई सदस्यों का रिकॉर्ड खंगाल रही हैं।