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Meerut News: सांसद अरुण गोविल पहुंचे सेंट्रल मार्केट, महिलाओं का धरना स्थगित

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सेंट्रल मार्केट तिरंगा चौक पर  चल रहे धरने के  सांसद अरूण गोविल के सामने विलाप करती महिलाएं।  .
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सेंट्रल मार्केट में पिछले 15 दिनों से अपनी दुकानों और मकानों को बचाने की लड़ाई लड़ रही महिलाओं का धरना आखिरकार शुक्रवार को समाप्त हो गया। मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद अरुण गोविल खुद धरनास्थल पर पहुंचे और व्यापारियों को आश्वस्त किया कि सरकार इस गंभीर संकट में उनके साथ खड़ी है। सांसद के भरोसे के बाद महिलाओं ने फिलहाल अपना धरना स्थगित करने की घोषणा की है।
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सांसद अरुण गोविल जैसे ही धरनास्थल पर पहुंचे, व्यापारियों ने मेरे घर राम आए हैं... भजन गाकर उनका स्वागत किया। सांसद को देखकर वहां मौजूद लोगों के चेहरे पर सुकून दिखाई दिया। इस दौरान अपनी व्यथा सुनाते हुए महिलाएं सांसद के सामने फूट-फूटकर रोने लगीं और अपने आशियाने व रोजगार बचाने की गुहार लगाई। भावुक माहौल के बीच सांसद ने कहा, मैं कोई भगवान नहीं हूं। मैं आपका भाई, बेटा हूं और आपके परिवार का हिस्सा हूं। भगवान और वाहेगुरु पर भरोसा रखिए। सरकार व्यापारियों की समस्या पर मंथन-चिंतन कर रही है और राहत दिलाने के हर संभव रास्ते तलाशे जा रहे हैं।

उन्होंने व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए एलान किया कि उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए अलग से अधिवक्ता (वकील) करने की आवश्यकता नहीं होगी। सरकार खुद अपने अधिवक्ता के जरिए सुप्रीम कोर्ट में व्यापारियों का पक्ष रखेगी।
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आपसी खींचतान भी आई नजर

सांसद की अपील पर धरनारत महिलाओं और व्यापारियों में धरना खत्म करने को लेकर कुछ देर आपसी खींचतान भी देखने को मिली। हालांकि बाद में राधा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि वे फिलहाल धरना स्थगित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें सरकार और सांसद पर पूरा भरोसा है कि वे न्याय दिलाएंगे लेकिन यदि सकारात्मक परिणाम नहीं निकले तो वे दोबारा धरने पर बैठने को मजबूर होंगी। व्यापारी हरी पुंजानी समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग इस दौरान मौजूद रहे।



सुप्रीम कोर्ट का आदेश और ध्वस्तीकरण का संकट

सेंट्रल मार्केट में संकट की जड़ 17 दिसंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया वह आदेश है जिसमें 661/6 समेत सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने को कहा गया था। इस मामले में आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 27 जनवरी को छह सप्ताह के भीतर ध्वस्तीकरण के सख्त आदेश दिए थे। सेंट्रल मार्केट में कुल 860 आवासीय भवन हैं, जिनमें व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। अब तक 144 व्यावसायिक गतिविधियां बंद की जा चुकी हैं। 661/6 को ध्वस्त किया जा चुका है जबकि 44 भवनों पर 8 अप्रैल को सील लगाई गई थी। आवास एवं विकास परिषद ने शुक्रवार से 815 आवासीय भवनों पर नोटिस चस्पा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दुकानदारों को दो सप्ताह के भीतर खुद निर्माण ध्वस्त करने का समय दिया गया है अन्यथा प्रशासन इसे ध्वस्त करेगा और खर्च दुकानदारों से वसूला जाएगा।
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