सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने 44 पूर्णतया व्यावसायिक निर्माण को सील करने के निर्देश दिए थे। इस पर बुधवार को आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह, एडीएम सिटी बृजेश सिंह की अगुवाई में टीम बनाकर सीलिंग की कार्रवाई की गई। अवमानना याचिका दाखिल करने वाले आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 15 दिन में अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा शमन की धनराशि जमा करने वाले व्यापारियों को भी राहत नहीं दी।
कोर्ट ने व्यापारियों को आवास एवं विकास परिषद में जमा धनराशि वापस लेने के लिए आवेदन करने की हिदायत दी है। लोकेश खुराना के मुताबिक अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए इस आदेश को केवल प्रदेश तक सीमित न रखते हुए आंखें खोलने वाला केस भी करार दिया है। अब मामले में 14 जुलाई को सुनवाई होगी।
आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना द्वारा दायर अवमानना याचिका के बाद परिषद ने सोमवार को उन 44 भवनों की सूची सौंपी थी, जहां पूरी तरह से व्यावसायिक कार्य हो रहे थे। इन 44 भवनों में बड़े शोरूम और कॉम्प्लेक्स के साथ ही 6 अस्पताल, 6 स्कूल और 4 बैंक्वेट हॉल (मंडप) चल रहे थे। सभी पर सील लगा दी गई थी।