बाजार में तमाम दुकानें लोगों ने बंद कर दी हैं। दुकानों के शटर हटाकर खिड़की, दरवाजे लगा दिए गए हैं। वास्तुविद नियोजक की ओर से 80 व्यापारियों को पत्र जारी कर भू-उपयोग बदलने के लिए शमन शुल्क जमा करने के बीते रविवार को ही आदेश दिए गए थे। ऐसे में व्यापारी नया स्टॉक या ऑर्डर नहीं दे रहे हैं। कई दुकानदारों ने ऑनलाइन पेमेंट भी लेना बंद कर दिया है। नई शमन नीति के तहत 36 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से शुल्क जमा करना होगा और 10 फुट फ्रंट सेटबैक भी छोड़ना होगा। एक सप्ताह बीतने के बाद एक भी व्यापारी की ओर से शुल्क जमा नहीं कराया गया है।
रविवार को भी बाजार में कई जगह दुकानें बंद कर दीवार लगाने का काम हुआ। व्यापारियों का कहना है कि शमन के लिए शुल्क जमा करना अभी सही नहीं है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का क्या निर्णय आएगा, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। सहमे हुए कई व्यापारियों ने नए स्टॉक लेना बंद कर दिया है। इसके अलावा कई दुकानदार अब यूपीआई व ऑनलाइन पेमेंट नहीं ले रहे हैं।
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