माई सिटी रिपोर्टर, मेरठ। सेंट्रल मार्केट के आवासीय भवन 661/6 के व्यापारियों ने शासन से राहत की गुहार लगाई है। नई भवन निर्माण एवं विकास उपविधि के तहत निर्माण में रियायत की मांग की है। व्यापारियों ने शासन में तैनात आवास एवं विकास परिषद के वास्तु नियोजक को पत्र लिखकर उपविधि के अनुसार राहत के लिए आवेदन, शुल्क और अन्य प्रक्रियाओं की भी जानकारी मांगी है।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जेबी पारदीवाला और आर. महादेवन की खंडपीठ ने आवासीय भवन 661/6 में व्यावसायिक कांपलेक्स मामले में 17 दिसंबर 2024 को आवासीय क्षेत्र में भू-उपयोग परिवर्तन कर किए गए सभी अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। सोमवार को सुप्रीम आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश जेबी पारदीवाला और केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों से दो सप्ताह में जवाब मांगा है। इसी के साथ 27 अक्टूबर को मामले में अब सुनवाई होनी है। व्यापारी नेता किशोर वाधवा ने बताया कि शासन में वास्तुविद नियोजक को पत्र लिखकर राहत की गुहार लगाई गई है।
उन्होंने बताया कि नई आवासीय नीति 2025 के प्रावधानों के अंतर्गत शामिल करते हुए प्रक्रिया की जानकारी मांगी गई है। व्यापारी राजीव गुप्ता, अमरजीत सिंह, जगप्रीत कौर, डा. निशी गोयल, संगीता वाधवा, संदीप सिंह, चंद्र प्रकाश गोयल, संगीता जैन, प्रतीक वाधवा, संजीव मेहंदीरत्ता, राजेंद्र बड़जात्या, हरेंद्र चौहान, राकेश मदान, रजत अरोड़ा, शिखर वाधवा और अलका अरोड़ा की ओर से पत्र भेजे गए हैं।