- सभी दुकानदारों के बैनामे के साथ मर्सी अपील की तर्ज पर दाखिल होगी पेटीशन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सेंट्रल मार्केट के व्यापारी सुप्रीम कोर्ट के 661/6 के ध्वस्तीकरण आदेश के बाद अब गिरवी पिटीशन दाखिल करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने रिव्यू के लिए एक महीने का समय दिया हुआ है। ऐसे में व्यापारी अब कोर्ट खुलने के साथ ही इसे दाखिल करेंगे।
आवास एवं विकास परिषद की शास्त्रीनगर कॉलोनी में सेंट्रल मार्केट के 661/6 भवन आवासीय है, जबकि इसमें कॉम्पलेक्स बन गया है। इसी मामले में हाइकोर्ट ने 5 दिसंबर 2014 को ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। इस पर व्यापारी सुप्रीम कोर्ट चले गए थे। मामले में 19 नवंबर को सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने 499 अन्य भवनों का स्टेटस मांगा था। इस पर विभाग ने सर्वे कर रिपोर्ट दी, जिसमें शास्त्रीनगर योजना के 1473 भवन में व्यावसायिक गतिविधियां मिलीं। व्यापारियों ने बताया कि पहले याचिका में 15 लोगों के बैनामे थे जबकि अब 7 अन्य दुकानदार भी बैनामा करा चुके हैं। ऐसे में मर्सी अपील की तर्ज पर पुर्न विचार याचिका के तहत रिव्यू पेटीशन तथा स्पेशल लीव पेटिशन (एसएलपी) दाखिल की जाएगी। उन्होंने बताया कि 5 जनवरी को कोर्ट खुलेगा इसकी तैयारी कर ली गई है और पिटीशन तैयार की जाएगी।
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सेंट्रल मार्केट :: व्यापारियों की प्रतिक्रिया
शमन किए जाने चाहिए निर्माण
सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद से परेशानी बढ़ गई है। आवासीय भवन में जो भी व्यावसायिक गतिविधियां हो रही हैं, उन्हें शमन किया जाना चाहिए। ऐसी नीति बनाकर राहत दी जाए।
- आशु खरबंदा
चौपट हो जाएगा पूरा बाजार
सालों से व्यापारियों ने मेहनत कर खून-पसीने से व्यापार जमाया है। ध्वस्तीकरण से पूरा बाजार चौपट हो जाएगा। मर्सी अपील के आधार पर रिव्यू और एसएलपी दायर की जाएगी।
- राहुल मलिक, विधि सलाहकार
जनप्रतिनिधियों से भी गुहार
सेंट्रल मार्केट के मामले में ध्वस्तीकरण के आदेश बेहद गंभीर मामला है। जनप्रतिनिधियों से लगातार फोन पर वार्ता कर अवगत कराया गया। शनिवार को ऊर्जा राज्यमंत्री से मिलेंगे।
- विजय गांधी, अध्यक्ष शास्त्रीनगर जागृति विहार संयुक्त व्यापार संघ।
बदला जाए लैंड यूज
आवास विकास की शास्त्रीनगर को चमकाने में व्यापारियों का बड़ा योगदान है। विभाग की ओर से व्यावसायिक भूखंड महज 5 फीसदी ही था। अब लैंड यूज बदलने की नीति बनाई जाए।
- दीपू चौहान