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सेंट्रल मार्केट प्रकरण: 10 दुकानदारों को ध्वस्तीकरण का नोटिस, जानें व्यापारियों ने क्या उठाया कदम...

Wed, 15 Jan 2025 11:27 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि 17 दिसंबर 2024 को जारी किए गए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में सभी दुकानदारों को नियत अवधि में दुकान खाली करने के नोटिस जारी कर दिए गए हैं। 
 
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मेरठ का सेंट्रल मार्केट का वह कांप्लेक्स, जिसे लेकर इस विवाद की शुरुआत हुई थी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आवास एवं विकास परिषद में 661/ 6 के अन्य 10 दुकानदारों को नोटिस जारी करते हुए इमारत पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ बुधवार को नोटिस चस्पा कर दिया। इसमें 17 दिसंबर को बिल्डिंग को ध्वस्त करने का आदेश संलग्न करते हुए अवशेष दो महीने के भीतर दुकान खाली करने को भी कहा गया है। उधर, व्यापारियों की ओर से बुधवार को सर्वोच्च अदालत में पुनर्याचिका के तहत हार्ड कॉपी अधिवक्ता के माध्यम से सबमिट कर दी गई। चर्चा रही कि आदेश बिल्डिंग पर चस्पा करने के बाद इसे कुछ व्यापारियों ने हटा भी दिया।
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मंगलवार को सेंट्रल मार्केट के व्यापारी राजीव गुप्ता, सुषमा शर्मा, संगीता वाधवा, चंद्र प्रकाश गोयल, निशि गोयल, अमरजीत, जगप्रीत कौर, वीर सिंह, विनोद अरोड़ा, राजेंद्र कुमार बड़जात्या तथा संदीप सिंह की ओर से ई-फाइलिंग के जरिए पुनर्याचिका दाखिल कर दी गई। इन सभी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नोटिस जारी किए थे। व्यापारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता हिमांशु त्यागी के माध्यम से बुधवार को इसकी हार्ड कॉपी अदालत में दाखिल कर दी गई।
 
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बुधवार को आवास एवं विकास परिषद की ओर से संदीप सिंह मैसर्स सरदार जी प्रिंट, हरेंद्र चौहान मैसर्स दुआ गारमेंट्स, रजत अरोड़ा मैसर्स टॉय यूनिट स्टोर, निशि गोयल पत्नी संजय गोयल, विनोद अरोड़ा पुत्र केएल अरोड़ा, जगप्रीत कौर संदीप सिंह, सुषमा शर्मा, चंद्र प्रकाश गोयल, अमरजीत, वीर सिंह तथा राजेंद्र कुमार बड़जात्या के नाम से भी नोटिस लगा दिया।
उधर, दूसरी और व्यापारियों ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के विरुद्ध व्यापारियों की ओर से पुनर्याचिका तथा मिसलेनियस एप्लीकेशन की हार्ड कॉपी बुधवार को अधिवक्ता हिमांशु त्यागी के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दी गई है।
 
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