प्रेसवार्ता करते रिटायर्ड जिला जज डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा और उनकी बेटी प्रणिता।
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तलाक के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ घर वापसी कर चर्चा में आईं प्रणिता वशिष्ठ और उनके पिता रिटायर्ड जिला जज डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने प्रेस वार्ता कर अपना पक्ष रखा। प्रणिता ने पूर्व पति मेजर गौरव अग्निहोत्री द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार और अपमानजनक करार दिया।
रिटायर्ड जज डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि बेटी का गाजे-बाजे के साथ स्वागत केवल उसे मानसिक अवसाद (ट्रॉमा) से बाहर निकालने के लिए था। उन्होंने कहा कि हमने दूसरे पक्ष के बारे में कुछ भी नकारात्मक नहीं कहा लेकिन गौरव अग्निहोत्री ने इस खुशी से व्यथित होकर सोशल मीडिया पर प्रणिता के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जो महिला गरिमा पर हमला है।
प्रणिता के परिवार ने साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए करोड़ों के लेन-देन के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि न्यायालय के दस्तावेजों के अनुसार गौरव ने खुद शादी में सिर्फ 5 लाख खर्च होना स्वीकार किया था। प्रणिता ने समझौते के तहत कोई गुजारा भत्ता (एलमनी) नहीं लिया है। जिस जमीन का जिक्र है वह शाहजहांपुर के डूब क्षेत्र में है और उसकी कीमत मात्र 75 हजार रुपये है।
प्रणिता ने आरोप लगाया कि ससुराल में उन्हें बंधक बनाकर मारपीट की गई जिसकी प्राथमिकी दर्ज है। उन्होंने कहा कि पूर्व पति अब आत्महत्या की धमकी देकर उन्हें फंसाने की साजिश रच रहे हैं। परिवार ने इस मामले में मानहानि के खिलाफ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है और एसएसपी मेरठ से सुरक्षा की मांग की है।
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