स्कूल बसों में नहीं लगे सीसीटीवी कैमरे और सीट बेल्ट
मेरठ। स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन हेतु बनाई गई उत्तर प्रदेश मोटरयान (26वां संशोधन) नियमावली 2019 के उपबंधों का मेरठ के अधिकतर स्कूल पालन नहीं कर रहे हैं। रविवार को साकेत स्थित आईटीआई में लगाए गए स्कूल बस फिटनेस शिविर में पहुंचे अधिकतर स्कूली वाहनों में सीसीटीवी कैमरे और सीट बेल्ट नहीं मिले। इमरजेंसी डोर भी मानकों पर खरे नहीं उतरे। पैनिक बटन और सायरन किसी भी बस में नहीं मिला। आरटीओ ने वाहन संचालकों को हड़काते हुए 29 फरवरी तक मानकों का पालन करने के निर्देश दिए। इसके बाद मानकों को तोड़ने वाले वाहनों का पंजीकरण निरस्त किया जाएगा।
आरटीओ ने रविवार को साकेत स्थित आईटीआई में स्कूल बस फिटनेस शिविर का आयोजन किया। शिविर में विभिन्न स्कूलों के 120 वाहनों का 25 बिंदुओं पर निरीक्षण किया। इसके अलावा 500 वाहनों का निरीक्षण स्कूल में पहुंचकर किया गया। अधिकतर बसों में सीसीटीवी कैमरे और सीट बेल्ट नहीं मिली। बस के आपातकालीन द्वार मानक अनुसार नहीं मिले, वहीं द्वार के सामने सीट लगी मिली। पेनिक बटन और सायरन भी किसी बस में नहीं मिले। कुछ बसों के पायदान भी मानक के विपरीत मिले। जो वाहन मानकों पर खरे नहीं उतरे उन्हें नोटिस दिए गए। इन वाहनों को मानक पूरे करने के लिए 29 फरवरी तक का समय दिया है।
शिविर में पहुंचे नए वाहन
स्कूल संचालकों ने अपने नए वाहनों को ही जांच के लिए शिविर में भेजा। पुराने वाहनों को शिविर में नहीं भेजा। हालांकि, आरटीओ की निरीक्षण टीम ने 500 वाहनों का निरीक्षण स्कूलों में जाकर ही किया। आरटीओ डॉ. विजय कुमार ने बताया कि जिले में 950 स्कूल वाहन पंजीकृत हैं। अब तक 620 वाहनों का निरीक्षण किया गया है। बाकी बचे वाहनों का निरीक्षण कराने के लिए स्कूल संचालकों को समय दिया गया है। 29 फरवरी के बाद जो भी वाहन मानकों के विपरीत चलता मिलेगा, उसका पंजीकरण निरस्त किया जाएगा। इसके अलावा ऐसे वाहनों से दुर्घटना होने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।