चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में उत्तर पुस्तिकाओं को गायब करने का खेल सामने आया है। छात्रों से अवैध वसूली करने के लिए विवि के कुछ कर्मचारी इसे अंजाम दे रहे हैं। छात्रों की शिकायत पर विवि उन्हें औसत अंक देकर पल्ला झाड़ रहा है। शिकायत के बावजूद कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। परीक्षा समिति की बैठक में यह मुद्दा खूब उछला, फिर भी नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा। छात्र विवि के चक्कर पर चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
केस एक
छात्रा को मिले औसत अंक
उमा रानी ने एमए हिंदी की परीक्षा 2014 में प्राइवेट दी थी। वायवा और एक कोड के नंबर विश्वविद्यालय से गायब हो गए। कॉलेज में वायवा की हाजिरी साथ लगाकर उमा ने अधिकारियों से शिकायत की। परीक्षा विभाग से रिपोर्ट लगी। कॉपी और नंबर काफी खोजे लेकिन नहीं मिले। मामला परीक्षा समिति तक पहुंचा। परीक्षा समिति ने छात्रा को औसत अंक देकर रिजल्ट घोषित करने का आदेश दिया। लेकिन कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।