छात्र संघ के पूर्व महामंत्री अंकित अधाना ने जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के डिग्री वितरण विभाग की भारी लापरवाही सामने आई है। एक छात्र ने एमए राजनीति शास्त्र की डिग्री के लिए आवेदन किया था, लेकिन सात महीने बाद उसके घर एमए शिक्षाशास्त्र की उपाधि पहुंच गई। गलत डिग्री मिलते ही छात्र सकते में आ गया। इस घटना ने डिग्री डिस्पैच से पहले सत्यापन की व्यवस्था पर सवानिया निशान लगा दिए हैं।
पूर्व छात्रसंघ महामंत्री अंकित अधाना ने इसे विश्वविद्यालय प्रशासन की घोर नाकामी बताया है। उन्होंने कहा यदि छात्र इस गलत डिग्री के साथ नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जाता तो उस पर धोखाधड़ी का मुकदमा चल सकता था। उसका पूरा कॅरिअर बर्बाद हो जाता। छात्रों ने इसकी शिकायत कुलसचिव अनिल कुमार यादव और परीक्षा नियंत्रक वीरेंद्र कुमार मौर्य से की है। उनका आरोप है कि डिग्री सेक्शन में हजारों उपाधियां बिना किसी जांच के भेजी जा रही हैं। 2024 सत्र की डिग्रियां तो दूर, 2023 की डिग्रियों के लिए भी महीनों से आवेदन पड़े हैं, और छात्र परेशान। छात्र नेता ने खुलासा किया कि डिग्री सेक्शन में न अनुभवी कर्मचारी हैं, न पर्याप्त स्टाफ। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए समिति गठित करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।