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प्राइवेट छात्रों की डिग्री घर पहुंचाएगा सीसीएसयू

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मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के प्राइवेट छात्र-छात्राओं को अब डिग्री के लिए कैंपस में नहीं भटकना पड़ेगा। नए सत्र से विश्वविद्यालय सभी प्राइवेट छात्र-छात्राओं की डिग्री कोरियर के जरिए घर के पते पर भिजवाएगा। पूरा मामला फाइनल होने के बाद अब टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बार जो प्राइवेट के फार्म भरे जाएंगे, उसमें छात्र-छात्राओं को डिग्री मंगाने का पता देना होगा।
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मेरठ और सहारनपुर मंडल के नौ जिलों के कॉलेजों में हर साल रेग्युलर और प्राइवेट में हर साल ढाई लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं की डिग्री जारी होती है। रेग्युलर छात्रों की डिग्री यूनिवर्सिटी साल 2015 से ही कॉलेजों में भेज रही है। प्राइवेट छात्रों की डिग्री अभी तक कैंपस से ही लेनी पड़ती है। पिछली बार से प्राइवेट कोर्सों की डिग्रियों को हर जिले में बनाए गए एडेड कॉलेजों में नोडल सेंटरों पर भिजवाया गया। लेकिन वह प्रक्रिया सफल नहीं हुई। छात्र-छात्राओें के डिग्री नहीं लेने के कारण एडेड कॉलेजों को उनको रखने में परेशानी आ रही थी। इसके कारण इन डिग्रियों को कॉलेजों से वापस कैंपस में भिजवा दिया गया।
प्राइवेट छात्र-छात्राओं को डिग्री लेने के लिए दूर-दराज से कैंपस आना पड़ता है। सीसीएसयू में इलाहाबाद बैंक से फार्म लेने के बाद डाक टिकट लगा लिफाफा जमा करना होता है। जिसके बाद डिग्री घर पहुंचने में 15 से 20 दिन लग जाते हैं। ऐसे में छात्र-छात्राओं को राहत देने के लिए विवि ने प्राइवेट छात्र-छात्राओं की डिग्री कोरियर कंपनी से भिजवाने का निर्णय लिया। विवि ने इस मामले में ऑनलाइन टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अगले सत्र से जो प्राइवेट के फार्म भरे जाएंगे उनमें डिग्री मंगाने का पता देना होगा। जिसके बाद कोरियर कंपनी डिग्री बनते ही उनके घर पर पहुंचा देगी।
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सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों पर लगेगी लगाम
सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों से प्राइवेट में फार्म भरने वाले छात्र-छात्राओं से डिग्री देने की एवज में पैसे लेने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। ऐसे में अब ये हालात नहीं होंगे। इसके बाद साथ ही डिग्री कोरियर कंपनी द्वारा छात्रों के घर भिजवाए जाने से यूनिवर्सिटी में भी राहत रहेगी। अभी डिग्री लेने के लिए विभाग में छात्र-छात्राओं की भीड़ लगी रहती है। लंबे समय तक डिग्री के लिए वेटिंग रहती है। कुलपति प्रो. एनके तनेजा का कहना है कि जल्द ही कई और कार्य ऐसे कराए जाएंगे जिससे छात्र-छात्राओं को विवि आने की कम से कम जरूरत पड़े। प्रमाण पत्रों के ऑनलाइन आवेदन पर तेजी से काम करने को कहा गया है।
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