चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू), मेरठ में विश्वविद्यालय के गोपनीय रिकॉर्ड को डिजिटल करने का काम बिना आधिकारिक कार्यादेश के किए जाने का मामला सामने आया है। प्रशासनिक भवन की तीसरी मंजिल पर कमरा नंबर 310 में संचालित स्मार्ट एजुकेशन सर्विस एंड टेक्नोलॉजी के कार्यालय की जांच में कंपनी के प्रतिनिधि कोई वैध वर्कऑर्डर या अधिकृत दस्तावेज नहीं दिखा सके। इसके बाद रजिस्ट्रार अजय कृष्ण यादव ने कार्यालय सील कराते हुए वहां मौजूद रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी सीज करा दिए।
21 कर्मचारियों ने उठाए थे कंपनी के कामकाज पर सवाल
विश्वविद्यालय परिसर के 21 कर्मचारियों ने कुछ समय पहले कंपनी की गतिविधियों को संदिग्ध बताते हुए उसके कामकाज की जांच कराने की मांग की थी। इसी के बाद मंगलवार को रजिस्ट्रार अजय कृष्ण यादव अधिकारियों की टीम के साथ अचानक कमरा नंबर 310 पहुंचे।
कार्यालय के दरवाजे पर बाहर से ताला लगा हुआ था। कर्मचारियों से ताला खुलवाकर अंदर जांच की गई तो वहां तीन पुरुष और एक महिला कर्मचारी काम करते मिले। उन्होंने बताया कि कंपनी विश्वविद्यालय के गोपनीय रिकॉर्ड को स्कैन और अपलोड कर डिजिटल रूप में सुरक्षित करने का काम कर रही है।
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