संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) ने समय पर परिणाम जारी करने और मूल्यांकन में खामियां दूर करने के लिए महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब रेगुलर शिक्षकों को कॉपियों के मूल्यांकन में प्राथमिकता दी जा रही है और परीक्षकों की जवाबदेही तय की गई है।
विश्वविद्यालय का दावा है कि मूल्यांकन में नंबरों का व्यापक अंतर, पूर्णांक से अधिक नंबर देने जैसे मामलों पर सख्ती बरती जा रही है। परीक्षकों से लिखित घोषणा अनिवार्य कर दी गई है कि उन्होंने कॉपियों में प्राप्तांक और पूर्णांक को क्रॉस चेक किया है। अंकों का योग जांच लिया है और प्रश्नों की स्थिति देख ली है। ऐसा न करने पर संभावित कार्रवाई की सहमति भी लेनी पड़ रही है।
मूल्यांकन केंद्रों पर अब मुख्य विषय और एलाइड विषयों को एक ही जगह रखा गया है। पहले ये अलग-अलग केंद्रों पर होते थे, जिससे एक ही शिक्षक एक दिन में दोनों जगह कॉपियां चेक करने की शिकायतें आती थीं। अब इस विकल्प को खत्म कर दिया गया है। इसके अलावा कॉपियों की रैंडम जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है और बारकोडिंग व्यवस्था को अलग कर दिया गया है। विश्वविद्यालय के अनुसार इस बार परिणाम पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर होंगे। जून से परिणाम जारी होने शुरू हो जाएंगे और 15 जुलाई तक सभी परिणाम जारी कर दिए जाएंगे। साथ ही सेमेस्टर परीक्षाएं भी समय पर आयोजित होंगी।
राजनीति विज्ञान में पीएचडी इंटरव्यू 28 से 30 जनवरी तक
सीसीएसयू में राजनीति विज्ञान विषय में मुक्त श्रेणी (ओपन कैटेगरी) के पीएचडी प्रवेश के लिए इंटरव्यू 28, 29 और 30 जनवरी को सुबह 10 बजे कैंपस स्थित विभाग में होंगे। अर्ह विद्यार्थियों की सूची जारी कर दी गई है। छात्र अधिक जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।बीजेएमसी प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर (ओल्ड) के पेपर 29 जनवरी से विश्वविद्यालय ने बीजेएमसी प्रथम और तृतीय सेमेस्टर (ओल्ड कोर्स) की परीक्षाओं की तिथि तय कर दी है। ये पेपर 29 जनवरी से सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक होंगे। विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम विश्वविद्यालय की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। सभी बदलाव छात्रों को समयबद्ध और पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया उपलब्ध कराने की दिशा में उठाए गए कदम हैं।