- परीक्षा केंद्रों में बदलाव, फीस और एनरोलमेंट विवाद को लेकर छात्रों ने राज्यपाल तक लगाई गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने शैक्षिक सत्र 2025-27 के द्वितीय वर्षीय बीएड में काउंसिलिंग एवं अल्पसंख्यक कॉलेजों के माध्यम से प्रवेश लेने वाले छात्रों को प्रथम वर्ष का परीक्षा फॉर्म भरने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉलेजों और परीक्षार्थियों की मांग पर समर्थ पोर्टल पर परीक्षा फॉर्म और विषय चयन की तिथियां बढ़ा दी हैं।
अब बीएड प्रथम वर्ष के छात्र 24 मई तक समर्थ पोर्टल पर विषयों का चयन कर सकेंगे। इसके बाद ऑनलाइन परीक्षा शुल्क 28 मई तक जमा किए जा सकेंगे। वहीं 250 रुपये विलंब शुल्क के साथ परीक्षा फॉर्म भरने एवं सत्यापन की अंतिम तिथि 30 मई निर्धारित की गई है। इसके अलावा 500 रुपये विलंब शुल्क के साथ दो जून तक परीक्षा फॉर्म भरने और सत्यापित कराने का अवसर मिलेगा।
परीक्षा नियंत्रक ने सभी कॉलेजों को निर्देश दिए हैं कि छात्र-छात्राओं के पेडागोजी विषय का चयन उनके स्नातक एवं परास्नातक में लिए गए विषयों के अनुरूप ही किया जाए। यह पूरी प्रक्रिया समर्थ पोर्टल पर कराई जा रही है, इसलिए भविष्य में किसी भी प्रकार का विषय परिवर्तन संभव नहीं होगा। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि बीएड पाठ्यक्रम अधिकतम तीन वर्ष के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा। छात्रों को अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द परीक्षा फॉर्म भरने की सलाह दी गई है। परीक्षा फॉर्म भरने के लिए एनरोलमेंट नंबर अनिवार्य होगा, जिसे छात्रों को अपने संबंधित कॉलेजों से प्राप्त करना होगा।
बीएड मुख्य परीक्षा के केंद्र बदले
विश्वविद्यालय ने बीएड मुख्य परीक्षा के कुछ परीक्षा केंद्रों में भी बदलाव किया है। संशोधित व्यवस्था के अनुसार एस्ट्रोन कॉलेज ऑफ एजुकेशन, गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ परफेक्ट टीचिंग स्टडीज और गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल एंड टेक्निकल स्टडीज के परीक्षा केंद्र अब एनएएस कॉलेज बनाए गए हैं। विश्वविद्यालय ने परीक्षार्थियों से संशोधित परीक्षा केंद्रों के अनुसार परीक्षा में शामिल होने की अपील की है।
कुलपति से लेकर राज्यपाल तक छात्रों ने लगाई गुहार
इधर, पंडित तेजराम कॉलेज के बीएड छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर मनमानी, आर्थिक दबाव और भविष्य से खिलवाड़ करने के आरोप लगाए हैं। छात्रों ने ई-मेल के माध्यम से विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से शिकायत कर छात्रहित में हस्तक्षेप की मांग की है।
छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन निर्धारित शुल्क से अधिक राशि की मांग कर रहा है और भुगतान न करने वाले छात्रों के एनरोलमेंट नंबर जारी नहीं किए जा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि एनरोलमेंट नंबर के बिना परीक्षा फॉर्म भरना संभव नहीं है, जिससे उनका शैक्षणिक सत्र संकट में पड़ गया है। आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से भी मदद की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक उन्हें कोई राहत नहीं मिल सकी है।