सीसीएसयू में 28 महीने पहले हुए एमबीबीएस कॉपी घोटाले में आरोपी छात्रों का रिजल्ट जारी करने वाले चारों सस्पेंड कर्मचारियों को शनिवार को नोटिस जारी कर दिए गए। छात्रों के रिजल्ट को कैंसिल करने के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को भी पत्र लिखा गया है। पूरे मामले में मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की जानकारी होने के बावजूद आखिर वहां से परीक्षा फार्म विवि के लिए कैसे फॉरवर्ड कर दिए गए। इस मामले में कॉलेज को भी नोटिस जारी किया जा रहा है।
17 मार्च 2018 को एसटीएफ ने सीसीएसयू में एमबीबीएस की कॉपियों की अदला-बदला किए जाने का खुलासा किया था। पूरे गोरखधंधे में विवि के एक छात्र नेता कविराज एवं विवि के कर्मचारी पवन कुमार, संदीप, कपिल एवं रिटायर कर्मचारी चंद्रप्रकाश और सलेखचंद्र को जेल भेजा था। मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज के जिन छात्रों आयुष और स्वर्णजीत ने कॉपी बदलवाने का प्रयास किया था, उनको भी जेल भेजा गया था।
विवि ने उनको यूएफएम श्रेणी में डाल दिया था। लेकिन रिजल्ट रोके जाने के आदेशों के बाद भी प्रोफेशनल सेक्सन में तैनात रहे चार कर्मचारी कार्यालय अधीक्षक अमित कौशिक, प्रभारी हर्ष गुप्ता, प्रभारी राजकुमार गौतम और वरिष्ठ सहायक तृप्ति रस्तोगी इनका रिजल्ट ऑनलाइन जारी करते रहे। 20 फरवरी 2020 को दोनों का फाइनल ईयर का रिजल्ट जारी कर दिया गया था। चारों कर्मचारियों को सस्पेंड किए जाने के बाद शनिवार को नोटिस जारी किया गया है कि उन्होंने यूएफएम श्रेणी के बाद भी रिजल्ट कैैसे जारी किया।