बीकॉम-एलएलबी की काफी है डिमांड
सीसीएसयू में लॉ की डीन डॉ. अंजलि मित्तल बताती हैं कि बीकॉम-एलएलबी और बीए-एलएलबी की डिमांड काफी बढ़ी है। बीकॉम-एलएलबी करने के बाद कारपोरेट सेक्टर में काफी अवसर हैं। देश में कंपनियों के बढ़ते प्रसार के बीच आजकल कॉरपोरेट लॉ का स्कोप काफी अच्छा है।
इसके तहत कंपनियां ऐसे प्रोफेशनल्स अपने यहां रखती हैं, जो उन्हें अपनी कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में सलाह दे सकें। कॉरपोरेट लॉयर्स के तौर पर अच्छा तजुर्बा हासिल होने पर अच्छा पैकेज भी मिलता है। सीसीएसयू कैंपस के विधि अध्ययन संस्थान के समन्वयक डॉ. विवेक त्यागी बताते हैं कि कैंपस में बीए-एलएलबी की 60 सीटें हैं। इसमें 30 हजार रुपये प्रतिवर्ष फीस है।
तीन वर्षीय एलएलबी में हैं 14 हजार सीटें
सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में ग्रेजुएशन के बाद तीन वर्षीय एलएलबी की सीटें भी सबसे अधिक हैं। एडेड और सेल्फ फाइनेंस में तीन वर्षीय एलएलबी के कॉलेजों की संख्या 100 के पार है। हर कॉलेज में दो सेक्शन हैं। एक सेक्शन में 60 सीटें हैं। इसके अलावा मेरठ कॉलेज, एमएमएच कॉलेज गाजियाबाद और दूसरे कुछ कॉलेजों में पांच-पांच सेक्शन तक हैं। इन कॉलेजों में 14 हजार से ज्यादा सीटें तीन वर्षीय एलएलबी कोर्स की हैं।
अब 26 जुलाई से हो सकते हैं रजिस्ट्रेशन
सीसीएसयू कैंपस-कॉलेजों में यूजी में एडमिशन के लिए विवि प्रशासन को इलाहाबाद यूपी बोर्ड से डाटा मिल गया है। लेकिन तकनीकी कारणों से डाटा फीड करने में दो से तीन दिन का समय बताया जा रहा है। ऐसे में 23 की जगह 26 जुलाई से रजिस्ट्रेशन शुरू हो पाएंगे। विवि एडमिशन का नोटिफिकेशन जारी करेगा।