चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और सर छोटूराम इंस्टीट्यूट के शिक्षक और कर्मचारियों के बीच तनातनी जारी है। संस्थान में बृहस्पतिवार को सेमेस्टर परीक्षा शुरू हो गई।
शिक्षक और कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार जारी है। इस सबके बीच छात्रों की पढ़ाई ठप हो गई है। विवि के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षकों से बात की, लेकिन वह मौखिक आश्वासन पर नहीं माने।
शिक्षक और कर्मचारी नए शासनादेश के मुताबिक अपनी सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। बुधवार से कार्य बहिष्कार कर रखा है। शासनादेश का हवाला दिया जा रहा है, उसमें स्पष्ट लिखा है कि विश्वविद्यालय इसका जल्द से जल्द पालन करें।
आदेश में आमदनी का 70 से 80 प्रतिशत खर्च शिक्षक और कर्मचारियों के वेतन पर किया जाए। संविदा पांच साल के लिए हो। इसके बाद पुराने कर्मचारी या शिक्षक पर अगर कोई अनुशासनहीनता की कार्रवाई नहीं है तो उसे दोबारा रखने में प्राथमिकता दी जाए।
बृहस्पतिवार को इंस्टीट्यूट में सेमेस्टर एग्जाम हुआ। धरने पर बैठे शिक्षक और कर्मचारियों ने अपना माइक बंद कर लिया। बहिष्कार जारी रहा। नुकसान छात्रों की पढ़ाई का हो रहा है। वह बंद हो गई है।
डीन साइंस और चीफ प्रॉक्टर ने मुलाकात की। शिक्षकों ने साफ कह दिया कि वह बिना लिखित आश्वासन के मानने वाले नहीं हैं। शिक्षकों ने कहा अगर विवि को आय की ज्यादा चिंता है तो वह संस्थान का बैंक्वेट हॉल बना दें। आमदनी उससे भी हो जाएगी।
सेल्फ फाइनेंस के शिक्षक लगाए
सेमेस्टर परीक्षा कराने के लिए विवि ने मुख्य कैंपस के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई। सेल्फ फाइनेंस कोर्स के शिक्षकों ने ड्यूटी दी।
छोटूराम के शिक्षकों का कहना है विवि दो तरफ पढ़ाई का नुकसान कर रहा है। छोटूराम की पढ़ाई बंद हो गई है तो जो शिक्षक ड्यूटी दे रहे हैं, वहां भी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।