सीसीएसयू ने पीएचडी एंट्रेंस का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। सीटों की संख्या को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि विवि ने पहले ही साफ किया है कि सीटों की संख्या घट बढ़ सकती हैं। तीन विषयों को लेकर ज्यादा आपत्ति है। इनमें विवि ने खाली सीटों की संख्या निल बताई है। शिक्षकों का कहना है सीट खाली हैं।
पीएचडी करने के इच्छुकों के लिए राहत की बात यह है कि दीक्षांत समारोह नजदीक होने की वजह से पीएचडी की और भी सीट खाली हो रही हैं। 250 से अधिक पीएचडी 26 दिसंबर को कार्य परिषद की बैठक में कंफर्म होने की उम्मीद है।
पीएचडी के लिए सीईटी (कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट) 20 मार्च को होना है। विवि ने अभी 31 विषयों के लिए 1425 खाली सीट जाहिर की हैं। इनमें तीन विषय एजूकेशन, भूगोल और डिफेंस स्टडी में सीट खाली नहीं बताई। जबकि तीनों विषय में सीटें हैं। भूगोल में 60 सीटें और डिफेंस स्टडी में 13 सीटें खाली हैं। एजूकेशन में कैंपस में तीन नई फैकल्टी आई हैं। सीटों की संख्या बढ़नी तय है। विवि के अधिकारियों का कहना है सीटों की संख्या अपडेट की जाएंगी। पांच जनवरी को दीक्षांत समारोह है। इसमें 300 से अधिक पीएचडी अवार्ड होने की संभावना है।
यह सीटें भी खाली हो जाएंगी। यूजीसी के निर्देश मुताबिक प्रोफेसर के अंडर में आठ, एसोसिएट प्रोफेसर के अंडर छह और असिस्टेंट प्रोफेसर के अंडर चार पीएचडी एक समय में हो सकती हैं।
आर्मी अधिकारियों के लिए अलग से मांग
डिफेंस स्टडी में पीएचडी करने के लिए आर्मी अधिकारियों की लाइन लगी है। इन्हें एंट्रेंस से छूट है। विवि अब तक स्पेशल परमीशन से आर्मी अधिकारियों को पीएचडी कराता रहा है। आधा दर्जन अधिकारी अब भी पीएचडी करने की लाइन में हैं। मांग यह की जा रही है कि आर्मी अधिकारियों को खाली सीटों के अलावा तवज्जो दी जाए। सामान्य छात्रों के लिए सीट कम न की जाएं। अधिकारी पहले से सर्विस में हैं। वहीं सामान्य छात्र नौकरी के लिए पीएचडी करते हैं। विवि इस पर विचार कर रहा है।