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रिजल्ट में गलतियां, छात्रों में गुस्सा

Tue, 15 Sep 2015 01:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में रिजल्ट को लेकर हाय-तौबा मची है। फेल होने और अब्सेंट की इतनी शिकायतें आ रही हैं कि विवि समाधान नहीं कर पा रहा है। कंपनी, कॉलेज और विवि के कुछ लोगों की कारगुजारी हजारों छात्र-छात्राओं को भुगतनी पड़ रही है।
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सोमवार को विवि में आधा दर्जन कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने हल्ला बोला। रिजल्ट में अब्सेंट आने और फेल होने की शिकायत को लेकर रजिस्ट्रार को घेरा। रजिस्ट्रार ने शिकायत के समाधान के लिए दो दिन का वक्त मांगा है। रात में छात्रों की कापियां निकाली जा रही थीं।

रिजल्ट में अब्सेंट आने और फेल होने की शिकायत को लेकर तीन प्रतिनिधिमंडल अलग-अलग रजिस्ट्रार से मिले। विवि के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राजदीप विकल के नेतृत्व में मुजफ्फरनगर के एसएसडी डिग्री कॉलेज, बिलासपुर कॉलेज ऑफ एजूकेशन और गंगोह कॉलेज ऑफ एजूकेशन के छात्र-छात्राएं रजिस्ट्रार से मिले। छात्रों ने बीएससी बायो और बीएससी मैथ में ज्यादातर छात्र फेल होने की शिकायत की। पेपर देने, लेकिन अब्सेंट दिखाने की भी शिकायत की।
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रजिस्ट्रार दीपचंद ने मूल्यांकन नियंत्रक प्रो. सुधीर शर्मा को बुलाया। शिकायत पर बात की। दूसरे प्रतिनिधि मंडल डीएन कॉलेज के छात्र-छात्राएं मिलीं। छात्रों ने आरोप लगाया कि पिछले साल जो छात्र टॉपर थे, वह इस बार फेल हो गए। मामले की जांच होनी चाहिए। मिलने वालों छात्रसंघ अध्यक्ष सम्राट मलिक, अभय तालियान और दक्ष आदि शामिल रहे। एबीवीपी का प्रतिनिधिमंडल भी रजिस्ट्रार से मिला।

मेरठ कॉलेज, इस्माईल डिग्री कॉलेज और एनएएस कॉलेज के छात्रों की शिकायत को लेकर मिला। इन्होंने बीएससी के रिजल्ट की दोबारा जांच कराने, नियमित करने और खाली सीटों पर एडमिशन के लिए दो दिन का वक्त देने की मांग की। इस मौके पर अंकित चौधरी, अभिषेक जैन, अवधेश राणा, आकाश बालियान, अक्षित, प्रशांत, अरुण मचंद, नितिन मनोटिया, मोहित सिवाच, शिवानी, स्वाति, निदा खान, शैफाली पूनिया, सोनिया दीक्षित शामिल रहे। एबीवीपी का प्रतिनिधिमंडल कैंपस के पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष मीनल गौतम के नेतृत्व में मिला। मीनल ने बताया कि आरजी कॉलेज की बीएससी फर्स्ट ईयर की 260 में से 250 छात्राएं फेल हो गई हैं। रजिस्ट्रार ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
 
दो दिन में हो जाएगा साफ
रजिस्ट्रार दीपचंद का कहना है अब्सेंट के मामले साफ हो चुके हैं। जिन कॉलेजों ने इंटरनल के नंबर नहीं भेजे हैं, उनको अब्सेंट दिखा दिया है। कम नंबर आने और फेल होने की शिकायत के लिए कापियां निकलवाई जा रही हैं। दो दिन में स्थिति साफ हो जाएगी।

रोजाना लग रहीं 400 आरटीआई
फेल होने और कम नंबर आने का हाल ऐसा है कि विवि में रोजाना करीब 400 आरटीआई लग रही हैं। आरटीआई विभाग में छात्रों की भीड़ है। विवि ने पुनर्मूल्यांकन की व्यवस्था बंद कर दी है। छात्र नंबर चेक करने के लिए आरटीआई में अपनी कॉपी देखती हैं। रिजल्ट में फेल होने और कम नंबर आने पर छात्र कॉपी देखने के लिए आरटीआई लगा रहे हैं। एक सप्ताह में दो हजार से अधिक आरटीआई आ चुकी हैं।
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