चौधरी चरण सिंह विवि के हिंदी विभाग में बुधवार को ‘जन संचार माध्यम और हिंदी’ विषय पर संगोष्ठी हुई। इसमें कुलपति प्रोफेसर एनके तनेजा ने कहा कि छात्र अंग्रेजी सीखने के दबाव में दब रहे हैं। उन्होंने हिंदी को भविष्य को बेहतर बताया।
विशिष्ट अतिथि आकाशवाणी के पूर्व निदेशक डॉ. लक्ष्मी शंकर वाजपेयी ने कहा कि वर्तमान दौर में तमाम सारी विसंगतियां हैं, लेकिन उन सब के बावजूद विवि में हिंदी को लेकर कोई हीन भावना नहीं है। दूरदर्शन दिल्ली की तरफ से प्रसारित ‘मेरी बात’ कार्यक्रम के निर्देशक डॉ. अमरनाथ अमर ने कहा कि बदलाव के दौर में हिंदी भाषा भी बदली है, अब हिंदी को लेकर तमाम तरह के कार्यक्रम भी आयोजित हो रहे हैं।
इससे साफ होता है कि लोग अब हिंदी के प्रति आगे आए हैं। डॉ. नरेंद्र मिश्रा ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत होने के बाद से हिंदी का स्वरूप बदला है और अब हिंदी नये दौर से गुजर रही है। कला संकाय अध्यक्ष प्रो. योगेंद्र सिंह ने कहा कि हिंदी भाषा विश्व भर में अपनी पकड़ बना रही है।
इस मौके पर विभागाध्यक्ष डॉ. नवीन चंद्र लोहनी ने विभाग की उपलब्धियों के बारे में प्रकाश डाला और कहा कि 2002 में विभाग की स्थापना के बाद यहां से काफी होनहार छात्र निकल कर गए हैं जो अब हिंदी का गौरव बढ़ा रहे हैं। संगोष्ठी के बीच आयोजित प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। प्रथम पुरस्कार ललित कुमार, द्वितीय विनीता, तृतीय वर्षा को दिया गया। मोनिका व कीर्ति मलिक को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। भाषण प्रतियोगिता में स्वाति प्रथम, ज्योति द्वितीय व वसीम तृतीय रहे। विनीत कुमार व दीपक तिवारी को सांत्वना को दिया गया। इस अवसर पर प्रो. पीके मिश्र, डॉ. आलोक कुमार, डॉ. अरुण दुबलिश, डॉ. अंजू, डॉ, विवेक मौजूद रहे।