मुठभेड़ में घायल छात्र कादिर
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इस पूरे मामले में मेडिकल थाना पुलिस ही नहीं, बल्कि आला अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इस प्रकरण में तमाम सवाल ऐसे हैं, जिनका जवाब पुलिस के पास नहीं है। प्रकरण में पुलिस फंसती नजर आ रही है। अहम बात ये है कि भाजपा के नेता ही इस मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों पर अंगुली उठा रहे हैं। अब वह शासन स्तर पर कार्रवाई के लिए दबाव भी बना रहे हैं।
ये उठ रहे हैं सवाल
- कादिर पर पूर्व में दर्ज नहीं है एक भी मुकदमा तो इनाम इतनी जल्दी घोषित क्यों किया गया?
- आत्मसमर्पण करने के बाद कादिर पर इनाम क्यों घोषित हुआ?
- जब कादिर ने खुद ही थाने में समर्पण किया तो वह भागने का प्रयास क्यों करता?
- मान भी लें कि कादिर ने भागने का प्रयास किया, कहीं पुलिस के टॉर्चर के चलते तो उसने यह कदम नहीं उठाया?