सीसीएसयू के कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने बदलाव की अगली कड़ी में डिप्टी रजिस्ट्रार और असिस्टेंट रजिस्ट्रारों के प्रभार बदल दिए हैं। पूर्व कुलपति विक्रम चंद्र गोयल के कार्यकाल में जो अधिकारी हाशिए पर चले गए थे, वह अब फ्रंट फुट पर आ गए हैं। बदलाव में नई बात यह है कि मान्यता विभाग को दो अधिकारियों में बांटा गया है। पांच जिले एक अधिकारी और चार जिले की मान्यता का काम दूसरे अधिकारी को सौंपा है।
विवि के कुलपति बदलने के बाद व्यवस्था में भी बदलाव हो रहा है। कर्मचारी, अधिकारी और शिक्षक इस पर नजर लगाए हैं। कर्मचारियों का तबादला करने के बाद अब डिप्टी रजिस्ट्रार और असिस्टेंट रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी बदली गई है। डिप्टी रजिस्ट्रार प्रभाष द्विवेदी के पास गोपनीय उत्तर पुस्तिका, डिग्री, प्रोफेशनल कोर्स और कैंपस सेल की जिम्मेदारी दी है। प्रभाष द्विवेदी के छुट्टी पर जाने से विवि परेशान है। उनके लेवल पर काफी काम पेंडिंग है।
डॉ. हरीशचंद्र कमेटी सेल, शोध मूल्यांकन, शैक्षणिक विभाग, राजभवन संदर्भ, उत्तर प्रदेश शासन संदर्भ और विभिन्न आयोग संदर्भ के काम देखेंगे। डिप्टी रजिस्ट्रार वीपी कौशल परीक्षा विभाग, छात्र सहायता केंद्र, संबद्धता (सहारनपुर, बुलंदशहर, नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़ जिला) देखेंगे। डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. देवराज को विकास विभाग, जनसूचना विभाग, शोध पंजीकरण, सामान्य प्रशासन, लेखा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। असिस्टेंट रजिस्ट्रार अरुण कुमार यादव को गोपनीय विभाग, लीगल सेल, उत्तर पुस्तिका अनुभाग सहित संबद्धता में मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली जिला के जिम्मेदारी दी गई है। बड़ा बदलाव मान्यता विभाग का है। यह पहले प्रभाष द्विवेदी के पास था।
रैगिंग रोकने के लिए कमेटी गठित
सीसीएसयू ने कैंपस में सत्र 2015-16 के लिए उच्च स्तरीय एंटी रैगिंग कमेटी गठित कर दी है। अध्यक्ष कुलपति प्रो. एनके तनेजा और उपाध्यक्ष प्रो. एचएस सिंह हैं। सदस्यों में डीआईजी, एडीएम सिटी, एसपी सिटी, एनजीओ, मीडिया प्रतिनिधि के अलावा विवि के प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। कमेटी आंतरिक एंटी रैगिंग कमेटी और एंटी रैगिंग दस्तों के कार्य की समीक्षा करेगी और आवश्यक दिशा निर्देश देगी।