21 नवंबर को विश्वविद्यालय द्वारा सभी संबद्ध कॉलेजों के साथ ऑनलाइन बैठक भी आयोजित की गई थी, जिसमें पोर्टल के उपयोग की पूर्ण जानकारी दी गई। इसके अलावा विषय–पेपर आवंटन प्रक्रिया को समझाने के लिए विस्तृत पीपीटी भी पोर्टल पर अपलोड की गई है। प्रवेश समन्वयक भूपेंद्र सिंह ने बताया कि यह व्यवस्था एनईपी–2020 के तहत लागू बहु-विषयी पाठ्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए की गई है।
विषय आवंटन में देरी से छात्रों को होगी परेशानी
विश्वविद्यालय की ओर से स्पष्ट निर्देश हैं कि समय से विषय आवंटन न होने पर छात्रों को पसंदीदा विषय चुनने में दिक्कतें होंगी। इसलिए सभी कॉलेजों को 30 नवंबर की समयसीमा का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।
विषम सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू, 189 केंद्रों पर कड़ी निगरानी
सीसीएसयू तथा उससे जुड़े कॉलेजों में बुधवार से विषम सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। दो पालियों में आयोजित इन परीक्षाओं में 2,42,115 छात्र शामिल हो रहे हैं। विश्वविद्यालय ने 189 परीक्षा केंद्र बनाए हैं, जिनकी रियल टाइम मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जा रही है।
प्रो. अनुज कुमार के नेतृत्व में कंट्रोल रूम टीम सीसीटीवी फुटेज पर लगातार नजर रख रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई होगी। इसके साथ ही विशेष उड़ाका दल भी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रहा है। दल के संयोजक प्रो. शिवराज सिंह ने बताया कि हर दिन अलग-अलग केंद्रों की जांच की जाएगी और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी।
कुलपति कार्यालय ने छात्रों से अपील की है कि वे समय से परीक्षा केंद्र पहुँचें और परीक्षा नियमों का पालन करें। इस बार नकल करने वालों के लिए किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी। विश्वविद्यालय का लक्ष्य पारदर्शी और नकलविहीन परीक्षा कराना है।