सीसीएसयू के कॉलेजों में 10 मई से दाखिले को होने वाले रजिट्रेशन में इस बार यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड की एक ही मेरिट बनाई जाएगी। इससे जहां सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड वाले छात्रों को फायदा मिलेगा, वहीं यूपी बोर्ड वाले छात्र पिछड़ जाएंगे। यूपी बोर्ड के छात्रों को कम अंकों की वजह से डीयू में तो दाखिला मिलता नहीं है। सीसीएसयू की मेरिट में भी उन्हें नीचे रहना पड़ेगा।
सीसीएसयू में बृहस्पतिवार को प्रवेश समिति की बैठक में कई निर्णय लिए गए। इनमें सबसे बड़ा निर्णय इस बार दाखिलों के लिए बनाई जाने वाली मेरिट में कोटा खत्म करने का है। यूपी बोर्ड में आज भी सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड की तुलना में नंबर कम आते हैं। ऐसे में पिछली साल तक यूनिवर्सिटी में यूपी बोर्ड का 50 प्रतिशत कोटा था। 50 प्रतिशत में सीबीएसई, आईसीएसई और दूसरे बोर्ड वाले छात्रों के दाखिले होते थे। लेकिन इस बार ये कोटा खत्म कर दिया गया है। सारे बोर्ड की इस बार एक ही लिस्ट बनाई जाएगी। सीबीएसई वाले मेरिट में यूपी बोर्ड के छात्रों से आगे निकल जाएंगे। बैठक कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में हुई। इसमें प्रवेश समन्वयक प्रो. वाई विमला, प्रो. बीर सिंह, प्रो. जितेंद्र ढाका, डॉ. राजेश गर्ग, डॉ. प्रमोद कुमारी, कुलसचिव ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव और प्रेस प्रवक्ता प्रशांत कुमार मौजूद रहे।
दूसरे राज्यों के लिए भी कोटा निर्धारित नहीं
हर साल दूसरे राज्यों के छात्रों के लिए तय सीटों का कोटा निर्धारित होता था, लेकिन इस बार वो भी खत्म कर दिया गया है। अगर किसी ने दिल्ली से 12वीं की है तो उसको यहां की मेरिट में समान जगह मिलेगी। ऐसे में इसका नुकसान भी यूपी बोर्ड वाले छात्रों को होगा। दिल्ली में सीबीएसई वाले जिन छात्रों का दाखिला डीयू में नहीं होगा वे गाजियाबाद के कॉलेजों में दाखिला ले सकेंगे।
दो मेरिट होंगी जारी, तीन कॉलेजों की दे सकेंगे वरीयता
ऑनलाइन फॉर्म में छात्र-छात्राओं को इस बार तीन कॉलेजों की ही वरीयता देनी होगी। इसके बाद दो ही मेरिट जारी की जाएंगी। दूसरी मेरिट के बाद यूनिवर्सिटी कोई मेरिट जारी नहीं करेगी। इसके बाद ओपन मेरिट के माध्यम से दाखिले होंगे।
दिव्यांगों को मिलेगा पांच प्रतिशत आरक्षण
सभी कॉलेजों में उत्तर प्रदेश सरकार के आदेशानुसार दिव्यांगों को दाखिले में पांच प्रतिशत का आरक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा राज्य स्तरीय खिलाड़ियों, एनसीसी कैडेट और स्काउट गाइड को दाखिले में अतिरिक्त अंक मिलेंगे।
एक लाख 15 हजार से ज्यादा सीटें
सीसीएसयू से संबद्घ एडेड-राजकीय और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में ग्रेजुएशन कोर्सों में एक लाख 15 हजार से ज्यादा सीटें हैं। बीए में एडेड-राजकीय कॉलेजों में 22 हजार और सेल्फ फाइनेंस में 44 हजार सीट हैं। बीकॉम में एडेड-राजकीय कॉलेजों में 46 सौ और सेल्फ फाइनेंस में 22 हजार सीट हैं। बीएससी में एडेड-राजकीय कॉलेजों में 9463 और सेल्फ फाइनेंस में 13 हजार सीट हैं। बीएससी एजी में एडेड और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में करीब 17 सौ सीटें हैं। पांच वर्षीय बीए-एलएलबी में छह हजार सीटें हैं।
मेरिट जाएगी बेहद ऊपर
सीसीएसयू के 66 एडेड और राजकीय कॉलेजों में यूूजी कोर्सों में 40 हजार के करीब सीटें हैं। 75 हजार के करीब संख्या सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में हैं। लेकिन कम फीस होने के कारण छात्र-छात्राएं एडेड कॉलेजों में ही दाखिला लेना चाहते हैं। बीकॉम और बीएससी में हर साल कॉलेजों में मेरिट 65 से ऊपर ही रहती है। इस बार यूपी बोर्ड का रिजल्ट देखें तो 33 हजार तीन सौ 92 छात्र पास हुए हैं। इनमें फर्स्ट क्लास 10 हजार के करीब हैं। जबकि इस बार कोटा खत्म होने से मेरिट 70 के पार जाएगी। ऐसे में यूपी बोर्ड के फर्स्ट क्लास छात्र ही मेरिट में जगह बना पाएंगे। बाकी को सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों या प्राइवेट में दाखिला लेना पड़ेगा।