लिसाड़ीगेट क्षेत्र स्थित आशियाना कॉलोनी में बृहस्पतिवार तड़के तीन बजे भीषण आग लग गई। इससे 500 से अधिक झुग्गी झोपड़ी जलकर राख हो गईं। मेरठ समेत चार जिलों की 15 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। एक माह में आग की यह तीसरी बड़ी घटना है। आग साजिशन लगाई या शार्ट सर्किट से लगी, इसकी पुलिस जांच कर रही है।
हापुड़ रोड पर जाकिर कॉलोनी से सटी आशियाना कॉलोनी में हाजी शाहिदे आलम, इंदू मलिक, वसीलू और सब्बीर की करीब चार एकड़ जमीन पर पिछले 15 साल से असम और पश्चिम बंगाल के सैकड़ों परिवार झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। यह लोग कूड़ा बीनने के अलावा फैक्ट्री में भी काम करते हैं। बृहस्पतिवार तड़के करीब तीन बजे लालसन की झोपड़ी और अनार हुसैन की चाय की दुकान में आग लग गई। देखते-देखते आग ने विकराल रूप धारण कर दिया। झोपड़ियों में रखे गैस सिलिंडर फटे तो अफरा तफरी मच गई।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने आसपास के करीब 40 घरों को खाली कराया। एसपी सिटी श्रीप्रकाश द्विवेदी, सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला, एफएसओ पुलिस लाइन संजीव कुमार, एफएसओ परतापुर मुकेश कुमार मौके पर पहुंचे। आग बुझाने के लिए मेरठ से 11, मोदीनगर से एक, हापुड़ से एक और मुजफ्फरनगर से एक गाड़ी के अलावा एक गाड़ी सेना की लगानी पड़ी। 15 गाड़ियों ने करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद सुबह आठ बजे आग पर काबू पाया। इस दौरान करीब 150 गाड़ी पानी आग बुझाने में इस्तेमाल हुआ। बृहस्पतिवार सुबह एसएसपी राजेश पांडेय और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। एफएसओ मुकेश कुमार का कहना है कि रात के समय तेज हवा चल रही थी। शार्ट सर्किट से आग लगना आया है। वहीं पीड़ित लोगों का आरोप है कि काफी देर तक कंट्रोल रूम पर कॉल रिसीव नहीं हुई।