-बार काउंसिल ऑफ उप्र के सदस्य वरिष्ठ एडवोकेट अनिल बख्शी बताते हैं कि यूपी में हर साल 11 हजार के करीब रजिस्ट्रेशन होते हैं। बार काउंसिल ऑफ इंडिया की बात करें तो हर साल 50 से 55 हजार के करीब ही रजिस्ट्रेशन हो पाते हैं।
-पूरे देश की बात करें तो साढ़े छह लाख के करीब वकील हैं। इनमें से अकेले उप्र से वकीलों की संख्या 1. 67 लाख के करीब है। ऐसे में यूनिवर्सिटी से हर साल 20 हजार छात्र-छात्राओं के कानून की पढ़ाई करना मेरठ के लिए बड़ी बात है।
कम हो गए नौ लाख के करीब वकील
कई साल पहले तक देश में 15 लाख से ज्यादा वकीलों के रजिस्ट्रेशन थे। बीते सालों में बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने प्रैक्टिस नहीं करने वाले वकीलों का ब्यौरा मांगा था। इसके चलते नौ लाख के करीब रजिस्ट्रेशन रिन्युअल नहीं किए गए। यूपी में जहां साढ़े तीन लाख वकीलों के रजिस्ट्रेशन थे, वहीं अब इनकी संख्या में पौने दो लाख रह गई है।
वर्जन
विवि से संबद्ध डेढ़ सौ कॉलेजों में एलएलबी की पढ़ाई हो रही है। इन कॉलेजों में 20 हजार के करीब सीटें हैं। इतनी सीटें किसी दूसरी यूनिवर्सिटी में नहीं हैं।
डॉ. सत्य प्रकाश गर्ग, डायरेक्टर विधि अध्ययन संस्थान, सीसीएसयू
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