सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों से एमडीएस करने वाले छात्रों की कॉपी का मूल्यांकन अब चार एग्जामनर करेंगे। इनमें दो एग्जामनर इंटरनल और दो एग्जामनर एक्सटरनल होंगे। अभी एक ही एक्सटरनल एग्जामनर कॉपी चेक करता है। रविवार को परीक्षा समिति की बैठक में यह तय हो गया। इसके अलावा बीपीएड, एमपीएड, एमफिल एजूकेशन और एमफिल फिजिकल एजूकेशन की रुकी परीक्षा को लेकर समिति का गठन किया है।
डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया का नियम है कि मास्टर इन डेंटल सर्जरी (एमडीएस) के छात्रों की कॉपी का मूल्यांकन चार एग्जामनर करें। इसमें दो एग्जामनर इंटरनल और दो एग्जामनर एक्सटरनल हो। विवि अभी तक सिर्फ एक एक्सटरनल एग्जामनर से मूल्यांकन करा रहा है। डेंटल काउंसिल के नियम का पालन करने के लिए परीक्षा समिति ने रविवार को एप्रूवल दे दिया। छात्रों और विवि के लिहाज से यह पहले से कठिन होगा। विवि को जहां अब एक की जगह चार एग्जामनर बुलाने होंगे, वहीं छात्र की कॉपी एक नहीं चार नजरों से गुजरेगी।
मूल्यांकन टफ होने की उम्मीद है। परीक्षा समिति में दूसरा महत्वपूर्ण मामला बीपीएड, एमपीएड, एमफिल एजूकेशन और एमफिल फिजिकल एजूकेशन का रहा। पुराने सत्र में इन कोर्स में बिना काउंसिलिंग के भी एडमिशन हो गए थे। काफी दिनों से परीक्षा कराने की मांग की जा रही है। काउंसिलिंग से होने वाले एडमिशन की परीक्षा में दिक्कत नहीं है। समिति बिना काउंसिलिंग के हुए एडमिशन पर अपनी रिपोर्ट देगी।
समिति में प्रतिकुलपति प्रो. एचएस सिंह, डीन एजी प्रो. पीके शर्मा, डीन एजूकेशन प्रो. प्रदीप मिश्रा, डीन लॉ डॉ. सत्यप्रकाश और एनएएस डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. वीके गौतम शामिल हैं। समिति पांच दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। उसके बाद परीक्षा कराने को लेकर निर्णय किया जाएगा।
संस्थानों के खेल छात्रों पर भारी
विवि से संबद्ध कॉलेज यह खेल करते रहे हैं कि बिना काउंसिलिंग के एडमिशन कर लिए। बाद में दबाव बनाकर परीक्षा करा ली। रिजल्ट रुका तो कोर्ट चले गए। इस सारे खेल में शोषण छात्रों का है। पहले नियम विरुद्ध एडमिशन किए जाते हैं। फिर छात्रों के भविष्य का सवाल बताकर उन्हें मान्य करने का दबाव बनाया जाता है।
बीएड, बीपीएड, एमपीएड और एजूकेशन के कोर्स में यह खासतौर से होता रहा है। वर्तमान में बीपीएड सत्र 2013-14 के प्रैक्टिकल चल रहे हैं। बिना काउंसिलिंग के एडमिशन वाले छात्रों के प्रैक्टिकल चल रहे हैं। मामला कोर्ट में है। कोर्ट का आदेश है कि परीक्षा करा ली जाए, लेकिन रिजल्ट आदेश आने तक घोषित न किया जाए।
हेड एग्जामनर बनेंगे
कुलपति ने बैठक में अपनी ओर से एजेंडे में परीक्षा केंद्रों पर हेड एग्जामनर तैनात करने का मुद्दा रखा। इसे मान लिया गया। पहले केंद्रों पर हेड एग्जामनर की व्यवस्था रहती थी। वह बीच में बंद हो गई। मूल्यांकन पर उठ रहे सवालों के मद्देनजर यह व्यवस्था लागू की गई है। इसके अलावा आरजी गर्ल्स डिग्री कॉलेज और मुजफ्फरनगर के एसडी कॉलेज की बीएससी की उत्तर पुस्तिकाओं की रैंडम सैंपलिंग कराई थी। कमेटी ने मूल्यांकन संतोषजनक होने की रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट को परीक्षा समिति के सामने रखा गया।
दो नए सदस्य आए
परीक्षा समिति में चक्रानुक्रम में दो नए सदस्य आए हैं। यह एनएएस डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. वीके गौतम और इस्माईल नेशनल महिला पीजी कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. इंदु शर्मा हैं। रविवार को इनकी पहली बैठक थी।