दूसरे चरण के मतदान के लिए पुलिस अफसरों ने पहले चरण से डेढ़ गुना फोर्स बढ़ा दी है। रजपुरा, माछरा और खरखौदा ब्लॉकों के अति संवेदनशील प्लस की श्रेणी वाले गांवों को देखते हुए ऐसा किया है। एसएसपी डीसी दूबे के मुताबिक दूसरे चरण के मतदान में तीन ब्लॉकों में 10 जिला पंचायत वार्ड इनमें शामिल हैं। जहां 9 थाना क्षेत्रों के अंतर्गत चुनाव होना है। इसके लिए 207 मतदान केंद्र बनाए हैं। तीनों ब्लॉकों को 9 जोन और 47 सेक्टरों में बांटा है।
जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों के अलावा माछरा ब्लॉक में एसपी देहात कैप्टन एमएम बेग, रजपुरा ब्लॉक में एसपी क्राइम तेजस्वरूप सिंह और खरखौदा ब्लॉक की जिम्मेदारी एसपी ट्रैफिक पीके तिवारी को दी गई है। प्रत्येक ब्लॉक में एडिशनल एसपी के साथ दो सीओ और चार-चार थाना प्रभारी तैनात रहेंगे। यह फोर्स संबंधित थानेदार और सीओ के अतिरिक्त रहेगी।
तीन ब्लॉक ों पर तीन हजार पुलिसकर्मी
मेरठ। तीन ब्लॉकों की सुरक्षा व्यवस्था की बात करें तो करीब तीन हजार पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। पोलिंग बूथ संगीनों के साये में रहेंगे। चुनाव डयूटी में 8 पुलिस अधीक्षक, 13 इंस्पेक्टर, 20 थाना प्रभारी, 148 दरोगा, 134 हेड कांस्टेबल, 843 सिपाही, एक हजार होमगार्ड, 150 पीआरडी जवान, दो कंपनी आरएएफ, दो कंपनी पीएसी लगेगी। इसमें 324 चौकीदारों के अलावा 47 कलस्टर मोबाइल, 20 थाना मोबाइल और 18 रिजर्व मोबाइल भी शामिल हैं। दो कंपनी आरएएफ रिजर्व में रहेगी। बता दें कि शनिवार को डीआईजी रेंज आशुतोष कुमार ने रेंज के सभी जिलों के एसएसपी को सुरक्षा के कड़े निर्देश दिए थे।
क्षेत्र पंचायत चुनाव में भारी भूल
मेरठ। क्षेत्र पंचायत चुनाव में मेरठ ब्लॉक के वार्ड 15 में भारी गलती सामने आई है। इस वार्ड के प्रत्याशी सुशील कुमार ने पर्यवेक्षक से मिलकर इसकी शिकायत की और कहा कि वार्ड 14 के लिए डाले गए वोट वार्ड 15 में गिने जाएं।
सुशील कुमार ने बताया कि मेरठ ब्लॉक के क्षेत्र पंचायत वार्ड 15 का मतदान केंद्र किसान इंटर कालेज मोहिउद्दीनपुर में था। सुबह दो घंटे तक यहां के मतदान केंद्र पर वार्ड 15 के मतपत्रों की जगह वार्ड 14 के मतपत्र मतदाताओं को दिए जाते रहे। जबकि इस भूल का पता चला तो उसमें सुधार किया गया। लेकिन तब तक सैकड़ों वोट डल चुके थे। सुशील ने बताया कि वार्ड 15 में नौ प्रत्याशी और वार्ड 14 से आठ प्रत्याशी मैदान में हैं।
सुशील ने इस संबंध में शनिवार को मेरठ ब्लॉक के निर्वाचन अधिकारी से लेकर जिला प्रशासन तक से शिकायत की, लेकिन किसी ने शिकायत लेना तो दूर सुनने तक का प्रयास नहीं किया। इसके बाद सुशील भाजपा मीडिया प्रभारी गजेंद्र शर्मा और अन्य नेताओं के साथ रविवार सुबह पर्यवेक्षक नवतेज सिंह से मिले और प्रार्थना पत्र देते हुए कहा कि वार्ड 15 की लिस्ट से जो वार्ड 14 के मतपत्र जारी हुए हैं, उन्हें मतगणना के दौरान वार्ड 15 में ही गिना जाए।
चौथे चरण का चुनाव बढ़ा रहा खर्च
चौथे और अंतिम चरण में चुनाव लड़ने वाले जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशियों का खर्च पहले चरण की तुलना में जहां चार गुना ज्यादा हो रहा है, वहीं अन्य चरणों की तुलना में भी तीन गुना अधिक हो रहा है। ऐसे में आधे से ज्यादा प्रत्याशियों को चुनाव संचालन में पसीने छूटते नजर आ रहे हैं। क्योंकि जिला पंचायत में पचास हजार से एक लाख रुपये एक दिन का खर्चा होता है।
चुनाव प्रक्रिया शुरू हुए एक माह से ज्यादा हो चुका है। जिला पंचायत के आरक्षण की अंतिम सूची भी 15 सितंबर को जारी हो गई थी। इसके बाद संभावित दावेदारों ने अपने अपने वार्ड में प्रचार और संपर्क के बीच दावतों का दौर भी शुरू कर दिया था। जैसे-जैसे चुनावी जोर शुरू हुआ इस खर्च में इजाफा होना शुरू हो गया। पहले चरण का मतदान नौ अक्तूबर को समाप्त होने के साथ यहां के दावेदार फ्री हो गए हैं। अभी दूसरे, तीसरे और चौथे चरण का मतदान शेष है। लेकिन दूसरे और तीसरे चरण की बात करें तो 13 और 17 अक्तूबर को मतदान होने पर यहां का चुनावी शोर भी थम जाएगा। वहीं चौथे चरण का मतदान काफी लंबे अंतराल से 29 अक्तूबर को हो रहा है।
सभी दावेदारों ने 15 सितंबर के बाद से अपने अपने वार्ड में चुनाव प्रचार शुरू कर दिया था। ऐसे में चौथे चरण के दावेदारों को लगभग डेढ़ माह के प्रचार का भार ढोना पड़ रहा है। प्रत्याशियों की मानें तो उनका खर्च चार गुना बढ़ गया है। कुछ प्रत्याशी खर्च के कारण काफी परेशान हैं।
चौथे चरण में रहेगा महिलाओं का बोलबाला
जिला पंचायत के नौ वार्डों में होने वाले चुनाव में छह महिलाओं के लिए हैं आरक्षित
मेरठ। जिला पंचायत के 34 वार्डों में 12 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। चार चरणों में होने वाले चुनाव में यह सबसे चौंकाने वाला पहलू है कि चौथे और अंतिम चरण में शामिल नौ वार्डों में छह वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। ऐसे में तय है कि चौथे चरण में महिलाओं का बोलबाला रहेगा।
चौथे चरण में दौराला, सरधना और सरूरपुर खुर्द ब्लॉक में मतदान होना है। 29 अक्तूबर को होने वाले मतदान के लिए जिला पंचायत के वार्ड छह से 14 तक के दावेदारों के पर्चे दाखिल हो चुके हैं। इस अंतिम चरण में वार्ड छह, सात और नौ को छोड़ दें तो बाकी वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें महिला दावेदारों ने जमकर ताल ठोकी है। महिलाओं के लिए आरक्षित छह वार्डों में कुल 107 पर्चे दाखिल हुए हैं, जबकि बाकी तीन पुरुषों के वार्ड में कुल 63 पर्चे दाखिल हुए हैं। इनमें भी 13 महिलाओं ने पर्चे दाखिल किए हैं।
वार्ड 31 में दो चरणों में होगा चुनाव
जिला पंचायत चुनाव में सिर्फ वार्ड 31 अकेला ऐसा वार्ड होगा जहां पर दो चरणों में मतदान होगा। क्योंकि यह वार्ड दो ब्लॉकों की सीमा में आने के साथ मतदान का चरण भी बदल रहा है। इस वार्ड में शामिल कुल 12 गांवों में से सात गांव परीक्षितगढ़ ब्लॉक और पांच गांव माछरा ब्लॉक के हैं। ऐसे में दो चरणों में होने वाला मतदान किसी बवाल की आशंका भी जता रहा है।
जिला पंचायत के नए वार्ड परिसीमन के बाद इस बार चार नए वार्ड बढ़े हैं। इस नए परिसीमन में यूं तो कई वार्ड ऐसे हैं, जो दो ब्लॉकों के गांवों को जोड़कर बने हैं, लेकिन मतदान के चरण में यह वार्ड एक ही चरण में शामिल रहने से एक ही दिन मतदान की प्रक्रिया पूरी हो गई। लेकिन वार्ड 31 की स्थिति सबसे जुदा है। यह वार्ड माछरा और परीक्षितगढ़ ब्लॉक के गांवों को जोड़कर बना है। माछरा ब्लॉक में चुनाव दूसरे चरण में जबकि परीक्षितगढ़ ब्लॉक का तीसरे चरण में है। इस वार्ड में माछरा ब्लॉक के जड़ौदा, भड़ौली, गोविंदपुर शकरपुर, भगवानपुर बांगर, रार्धनाइतनायतपुर गांव शामिल हैं तो परीक्षितगढ़ ब्लॉक में सौंदत्त, शिवपुरी, बौंद्रा, अतलपुर, ललियाना, नवलसूरजपुर और छुछाई शामिल हैं।
वार्ड 31 से यूं तो सात प्रत्याशी मैदान में हैं, लेकिन सबकी नजर कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के पुत्र नवाजिश मंजूर और बसपा नेता जब्बार अहमद के पुत्र वसीम जब्बार पर लगी है। यहां का चुनाव वीआईपी होने के साथ ही आपसी रंजिश और राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई में अति संवेदनशील भी है। इस वार्ड में आने वाले गांव ललियाना, सौंदत्त, राधना, जड़ौदा और छुछाई सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं।
दूसरे चरण का मतदान 13 अक्तूबर को होगा, तब वार्ड 31 के महज पांच गांवों में मतदान होगा। इनमें एक गांव रार्धनाइनायतपुर जहां प्रत्याशी वसीम जब्बार का अपना है तो गांव में उनकी दूसरे पक्ष से जो कि नवाजिश मंजूर को समर्थन दे रहा है उससे खुली रंजिश है। ऐसे में यह गांव पहले होने वाले मतदान का अतिसंवेदनशील होगा। वहीं जड़ौदा भी संवेदनशील माना जा रहा है। लेकिन तीसरे चरण के मतदान में शामिल इस वार्ड के गांव ललियाना, सौंदत्त और छुछाई के साथ बौंद्रा अतिसंवेदनशील होंगे। माना जा रहा है कि 13 अक्तूबर को होने वाले मतदान का रुख तीसरे चरण के 17 अक्तूबर को होने वाले इन गांवों में मतदान के दौरान बवाल की आशंका जता रहा है।