- सीसीएसयू के ललित कला विभाग में चल रही कार्यशाला का हुआ समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के ललित कला संस्थान में आयोजित 20 दिवसीय ग्रीष्मकालीन चित्रकला कार्यशाला का सोमवार को समापन हुआ। इसमें प्रतिभागियों को मधुबनी, वर्ली, सांझी, लिप्पन आर्ट, रंगोली एवं मंडाना जैसी भारतीय लोक कला विधाओं का प्रशिक्षण दिया गया। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार यादव रहे। अध्यक्षता साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद की अध्यक्ष प्रो. नीलू जैन गुप्ता ने की। प्रो. अलका तिवारी ने बताया कि छह से 25 मई तक हुई कार्यशाला में 105 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में स्वतंत्र चित्रकार एवं प्रशिक्षक डॉ. प्रिंस राज, दीपांजलि एवं विनीता गुप्ता ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया। वहीं, प्रो. हरिकृष्ण, प्रोफेसर बीरपाल सिंह, प्रो. बिंदु शर्मा एवं डॉ. वैशाली पाटील ने मार्गदर्शन किया।
चित्रकार एवं राज्य ललित कला अकादमी लखनऊ के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा और चित्रकार डॉ. दुर्जन सिंह राणा ने लाइव डेमोस्ट्रेशन देकर प्रतिभागियों को यथार्थ चित्रण की बारीकियों से अवगत कराया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों एवं प्रशिक्षकों को सम्मानित भी किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ. अनिल कुमार यादव ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता को विकसित करने के साथ भारतीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रो. नीलू जैन गुप्ता ने भारतीय लोक कलाओं को देश की सांस्कृतिक धरोहर बताया। प्रो. आराधना ने कहा कि कला समाज को संवेदनशील बनाने का सशक्त माध्यम है। वहीं विशिष्ट अतिथि प्रो. अल्पना रस्तोगी एवं प्रोफेसर रंजू नारंग ने प्रतिभागियों के कलात्मक प्रयासों की सराहना की। प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए और प्रशिक्षकों को प्रशस्ति पत्र एवं पटका पहनाकर सम्मानित किया गया। आयोजन में डॉ. पूर्णिमा वशिष्ठ, डॉ. शालिनी, डॉ. रीता सिंह, कृतिका, सुदेश कुमार सहित छात्र-छात्राओं रिद्धिमा, श्रेया, आंचल, मेघा मंडल, आर्यन त्यागी, निशा, विनीत गुप्ता, खुशबू एवं हिमानी का विशेष सहयोग रहा।