मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर विभाग एवं उससे संबंधित कॉलेजों में संचालित सभी स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसमें (बीपीईएस, बीएससी फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स, बीए एलएलबी और बीकॉम एलएलबी पाठ्यक्रमों को छोड़कर) स्नातक स्तर के सभी सर्टिफिकेट एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में पहली मेरिट सात अगस्त को जारी कर दी जाएगी। जिसके आधार पर 8 से 12 अगस्त तक प्रवेश लिए जाएंगे।
5 से 7 अगस्त तक परिसर विभाग एवं उससे संबंधित कॉलेज स्नातक पाठ्यक्रमों में पंजीकृत अभ्यर्थियों का पंजीकरण डेटा अपनी समर्थ लॉगिन आईडी एवं पासवर्ड से लॉगिन कर डाउनलोड करें और पंजीकृत अभ्यर्थियों के बारहवीं के अंकों के प्रतिशत में वेटेज के प्रतिशत को जोड़कर निर्धारित सीटों के सापेक्ष (एडेड एवं सरकारी कॉलेज में संचालित बीए, बीएसए, बीएससी (एजी) ऑनर्स एवं बीकॉम पाठ्यक्रमों के लिए पांच प्रतिशत स्पोर्ट्स कोटा सीट छोड़कर) आरक्षण नियमों (वर्टिकल एवं होरिजेंटल) और अदर स्टेट वेयर बोर्ड कोटा का पालन करते हुए प्रथम वरीयता सूची तैयार करेंगे। सात अगस्त को विश्वविद्यालय परिसर विभाग प्रवेश संपुष्टि के लिए प्रथम वरीयता सूची में स्थान पाने वाले अभ्यर्थियों का प्रवेश शुल्क जमा करने के लिए 8 से 12 अगस्त तक अपने प्रवेश पोर्टल से शेड्यूल जारी करेंगें। उसके बाद कॉलेज प्रथम वरीयता सूची में स्थान पाए अभ्यर्थियों को प्रवेश के लिए ऑफर लेटर अपने प्रवेश पोर्टल से जारी करके भेजेंगे। उसके बाद कॉलेज ऑफर लेटर एक्सेप्ट करने वाले अभ्यर्थियों के शैक्षणिक एवं अन्य अभिलेखों की जांच कर प्रवेश कन्फर्म करेंगे। पहली मेरिट से कॉलेज 12 अगस्त तक ही प्रवेश ले सकेंगे।
कॉलेज देंगे छात्रों को आपदा प्रबंधन की जानकारी
देशभर के विश्वविद्यालयों में विद्यार्थी स्नातक स्तर पर ही किसी आपात स्थिति से मुकाबले के लिए प्रशिक्षित किए जाएंगे। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों से आपदा प्रबंधन को स्नातक में कोर्स का हिस्सा बनाने को कहा है। दो क्रेडिट के इस पाठ्यक्रम में युवाओं को आपदा प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित करते हुए तैयार किया जाएगा। पाठ्यक्रम की प्रकृति के लिए विवि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट (एनआईडीएम) से सलाह ले सकेंगे। यूजी में इस पाठ्यक्रम का मकसद आपदा की स्थिति में नुकसान को कम करना और आपात स्थिति के लिए युवाओं को तैयार करना है। यूजीसी ने देशभर के विवि को उक्त निर्देश दिए हैं।
कैंपस-कॉलेजों में बनेंगे डीआरआर क्लब
यूजीसी के अनुसार विवि कैंपस एवं कॉलेजों को डिजास्टर रिस्क रिडक्शन (डीआरआर) क्लब बनाते हुए छात्र-शिक्षकों के लिए जागरूकता गतिविधि करनी होंगी। इसमें व्यावहारिक प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण, स्थानीय योजना और जोखिम मूल्यांकन, आपदा जागरुकता, स्थायित्व और जलवायु कार्रवाई, आपातकालीन तैयारी और प्रतिक्रिया शामिल है।