दो दिन से सीसीएसयू मेरिट देने की पुरजोर कोशिश कर रही है, लेकिन सफलता नहीं मिल रही। रजिस्ट्रेशन के दौरान विवि के सिस्टम में आवेदकों ने ऐसी सेंधमारी की है कि सुधारने में कंपनी के पसीने छूट रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर आवेदकों ने रजिस्ट्रेशन के दौरान गलत नंबर कैसे भरे।
सिस्टम ने यह रोकने की तैयारी क्यों नहीं की थी? जबकि तीन बड़े बोर्ड के 12वीं के रिजल्ट का लिंक विवि ने लिया है। रोल नंबर से कैंडीडेट के नंबर अपलोड हो रहे थे। कई जिलों में गलत मेरिट जाने के बाद वह सार्वजनिक कर दी गई। जिससे आवेदकों में भ्रम की स्थिति है। शुक्रवार को छुट्टी होने के बावजूद कई कॉलेज खुले रहे और मेरिट का इंतजार करते रहे। विवि का अब कहना है कि मेरिट शनिवार को जारी की जाएगी।
गौरतलब है सीसीएसयू ने सत्र 2016-17 में एडमिशन के लिए यूजी की पहली मेरिट बृहस्पतिवार को जारी करने का दावा किया था। लेकिन डाटा में गड़बड़ी सामने आने के बाद जारी नहीं हो सकी है। विवि ने फार्म में एडिटिंग का मौका दिया था। इस दौरान गलत नंबर भर दिए गए।
किसी आवेदक ने ज्यादा तो किसी के कम हो गए। रजिस्ट्रेशन में ऐसे भी केस हैं कि किसी में पूर्णांक कम हो गए तो किसी में ज्यादा। इससे मेरिट प्रभावित हो रही है। विवि की टीम डाटा सुधारने में लगी है। शुक्रवार को विवि के अधिकारियों ने इस संबंध में बैठक की। अहम बात यह है कि रजिस्ट्रेशन में आवेदक गलत नंबर न भर सके इसके लिए विवि ने यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के 12वीं के रिजल्ट का लिंक लिया था। रोल नंबर डालने पर कैंडीडेट के नंबर, नाम और पिता का नाम खुद अपलोड हो रहा था।
फिर भला गलत जानकारी कैसे भर दी गई। अगर यह कैंडीडेट्स दूसरे बोर्ड और कंडीशन वाले हैं तो इनको रोकने के लिए पहले से सॉफ्टवेयर में कोई इंतजाम क्यों नहीं किया गया। विवि के सहायक प्रेस प्रवक्ता डॉ. प्रशांत कुमार का कहना है वोकेशनल कोर्स वाले कुछ कैंडीडेट्स ने गलत नंबर भर दिए हैं। उन्हें सुधारा जा रहा है। शनिवार को पहली मेरिट जारी की जाएगी।